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'क्रेडिट कार्ड फ्रॉड' से बचने के लिए रखें ये सावधानियां
bhaskar news
| Jul 12, 2012, 03:49AM IST

कार्ड स्वाइप : इस प्रक्रिया में कार्ड होल्डर को अपनी पहचान साबित करने के लिए किसी तरह का अतिरिक्त कोड नहीं देना पड़ता। हां, खरीदारी के बाद उसे खरीदी रसीद पर हस्ताक्षर जरूर करने पड़ते हैं। अगर वे बैंक के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते, तो उसका भुगतान रोका जा सकता है। इसके बावजूद कई मामलों में गलत हस्ताक्षर होने के बाद भी भुगतान हो जाता है। तो ऐसी स्थिति में क्या करें? हम ऐसा क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करें, जिसमें पहचान साबित करने की पूरी प्रक्रिया हो।
इसके अलावा स्किमर मशीन का इस्तेमाल करने वाली दुकानों या मॉल की ऑनलाइन सुरक्षा व्यवस्था पता कर लें। स्किमर मशीन में कार्ड दो बार स्वाइप किया जाता है। एक बार भुगतान के लिए और दूसरी बार कार्ड होल्डर की जानकारी करने के लिए। अगर संबंधित रिटेल स्टोर लोकल एरिया नेटवर्क से जुड़ा है, तो यह जानकारी गलत हाथों में पड़ सकती है।
इंटरनेट : धोखाधड़ी का सबसे ज्यादा खेल इंटरनेट से किए जाने वाले भुगतान में ही होता है। ऐसे में इसका इस्तेमाल करने से पहले सुरक्षा संबंधी बातों को अच्छे से ध्यान में रखें।
ओटीपी: वन टाइम पासवर्ड का प्रयोग एक निश्चित अंतराल में लेन-देन के लिए होता है। अपने इंटरनेट बैंकिंग अकाउंट में इसकी सुविधा लें।
आईपीआईएन: इंटरनेट पिन नंबर एटीएम पिन से अलग होता है। यह आपके अकाउंट को बचाता है, जो ई-मेल पासवर्ड की तरह ही होता है। ऐसे में पासवर्ड हमेशा जटिल रखें। साथ ही किसी भी अनजान कैफे या पीसी से इंटरनेट बैंकिंग न करें।
मोबाइल बैंकिंग : मोबाइल बैंकिंग तकनीक का इस्तेमाल करने वालों के लिए एक ही चेतावनी है कि वे अपने हैंडसेट में पासवर्ड सेव करके न रखें। अब मोबाइल की जानकारी हैक करना मुश्किल नहीं रहा है। ऐसे में पासवर्ड को याद रखें और उसे मोबाइल में कतई सेव न करें।







