रायपुर. हाउसिंग बोर्ड पूरी तरह ऑनलाइन हो रहा है। लोग घर बैठे अपने सपनों का आशियाना स्क्रीन पर देख सकेंगे। मकानों की बुकिंग, अलाटमेंट, भुगतान, भावी योजनाओं की जानकारी बस एक क्लिक पर मिलेगी। इससे लोगों को समय, श्रम और अवांछित चढ़ावे से राहत मिलने की उम्मीद है। बोर्ड रायपुर-भिलाई की नई कालोनियों में हाई सिक्योरिटी सिस्टम भी बना रहा है।
बोर्ड के मकान खरीदने के इच्छुक लोगों को दफ्तर के चक्कर काटने व लंबी लाइनें लगाने से मुक्ति मिल जाएगी। फिलहाल बोर्ड के कार्यालयों में फाइल ट्रैकिंग सिस्टम प्रारंभ हो गया है। दो हफ्ते में अन्य प्रक्रियाएं ऑनलाइन हो जाएगी। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) ने बोर्ड की वेबसाइट लगभग तैयार कर ली है।
इनमें नई राजधानी में सेक्टर 29 योजना को भी शामिल किया गया है। लोग स्क्रीन पर पूरी योजना का नक्शा व कालोनी बनने के बाद का विहंगम दृश्य भी देख सकेंगे। वे फोटो देखकर जान सकेंगे कि उनका भावी घर किस तरह दिखेगा। मकान का प्लाट एरिया, बिल्डअप एरिया, कमरे, अन्य सुविधाएं, हर मकान के मॉडल की डिजाइन, कॉमर्शियल कांप्लेक्स, हेल्थ, स्कूल व अन्य सुविधाओं का विवरण होगा। वेबसाइट पर पुरानी योजनाओं की जानकारी भी फीड की जा रही है। इसमें अगर कोई मकान अलाटमेंट से रह गया है तो इसका विवरण भी होगा।
हाउसिंग बोर्ड अब हाईटेक सिक्योरिटी वाली कालोनियां का निर्माण भी करेगा। इसकी शुरूआत भिलाई की तालपुरी कालोनी, नई राजधानी की सेक्टर 27 कालोनी और बोरिया कला की कालोनियों से की जाएगी। इन कालोनियों की वीडियो मानिटरिंग होगी। नई कालोनियों में व्हीकल मानिटरिंग सिस्टम भी होगा। कालोनीवासियों को विशेष तरह के कार्ड प्रदान किए जाएंगे। कालोनियों के मेन गेट पर इन कार्डो की स्केनिंग के बाद ही गेट खुलेंगे।
अफसरों के मुताबिक कंप्यूटराइजेशन की योजना परवान चढ़ी तो रजिस्ट्रेशन, हाउस अलाटमेंट, इंस्टालमेंट फिक्सेशन, पेमेंट कैप्चर, अलाटमेंट लेटर, लोन सर्टिफिकेट, पंजीयन सर्टिफिकेट, फाइनल कास्ट फिक्सेशन आदि सभी कुछ आन लाइन होगा। मकान खरीदने वाले हर व्यक्ति को यूनिक कोड दिया जोगा। इसी से वह अपना स्टेटस देख सकेगा।
हाउसिंग बोर्ड 85 फीसदी मकान आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निर्माण करता है। यदि कोई संपन्न व्यक्ति गरीबों का हक मारने विभिन्न योजनाओं में मकान बुक करने की कोशिश करेगा तो यह जानकारी भी नेट के जरिए बोर्ड को मिल जाए इसका तोड़ ढूंढा जा रहा है।
बुकिंग के लिए यह करना होगा
घर बैठे स्क्रीन पर हाउसिंग बोर्ड व उसकी कालोनियां की साइट का भ्रमण करने के लिए बोर्ड की वेबसाइट सीजीएचबी जीओवी डॉट इन लाग आन करना होगा। जैसे नया रायपुर की सेक्टर 29 योजना के बारे में जानना है तो सेक्टर 29 नया रायपुर पर क्लिक करना होगा। एप्लाई आन लाइन क्लिक करने पर आन लाइन रजिस्ट्रेशन का फार्म खुलेगा।
तब क्लिक हियर टू क्रेडिट लाग इन पासवर्ड आएगा। तब कंप्यूटर जनरल डिटेल जैसे नाम, पता, मोबाइल नंबर आदि पूछेगा। इन्हें भरकर लॉग इन पासवर्ड करने पर पेज खुलेगा जिसे अलॉटिंग रजिस्ट्रेशन फार्म कहते हैं। इसकी इंट्री होने पर मैसेज मिलेगी कि आपके आवेदन का रजिस्ट्रेशन हो गया गया है। ख्याल रहे कि रजिस्ट्रेशन तब तक पूरा नहीं माना जाएगा जब तक रजिस्ट्रेशन फीस का चैक या डीडी जमा न हो।
आन लाइन भुगतान के लिए बोर्ड की कई बैंकों से बात चल रही है। स्क्रीन पर भुगतान तालिका का जिक्र भी होगा, ताकि लोग मकान की कीमत, पंजीयन राशि हर माह की किस्त और ब्याज का विवरण, नियम व शर्तें देख सकेंगे। यदि कोई व्यक्ति एलआईजी के लिए फार्म खरीदकर एमआईजी के लिए आवेदन करा है तो उसे फार्म की कीमत की अंतर राशि भुगतान करने सूचना आ जाएगी।
ठेकेदारों का भुगतान सीधे खाते में
बोर्ड के अनुसार कंप्यूटराइजेशन के जरिए कालोनियां बनाने वाले ठेकेदारों को उनका भुगतान अब एकाउंटेंट के जरिए चेक काटकर नहीं किया जाएगा। उनका भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में जमा होगा। इससे भुगतान की फाइलों को अटकाने और कमीशनखोरी पर रोक लगने की उम्मीद है।
ठेकेदारों को किस प्रोजेक्ट का काम कितने दिनों में करना है इसका उल्लेख भी वेबसाइट पर होगा। काम पूरा किए बिना भुगतान करने वाला अफसर फंस जाएगा। ठेकेदारों के कामों की मानिटरिंग भी आन लाइन की जा सकेगी। खास बात यह कि बोर्ड अब तक 53 हजार मकान बना चुका है। इतने ही मकान उसकी भावी योजनाओं की पाइप लाइन में हैं।