ऐसा क्या हो रहा है नीचे जिसे देखने जुट गई भाड़ी भीड़...

कोरबा। दर्री बरॉज पुल को पार करते समय एक हाइवा अनियंत्रित होकर रेलिंग को तोड़ते हुए गेट नंबर-८ के सामने नदी में जा गिरी। रेस्क्यू आपरेशन के लिए पहुंची टीम ने पुल की क्षमता को देखते हुए टेक्निकल कारण से हाथ खड़ा कर दिया।
बुधवार की सुबह लगभग 5.30 बजे एक हाइवा तेज रफ्तार में कोरबा से दर्री की ओर जा रही थी। दर्री डेम के पुल पर पहुंचते ही चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। हाइवा अनियंत्रित होकर बांई ओर 8 नंबर गेट के ऊपर लगे रेलिंग को तोड़ते हुए नदी में जा गिरी। वहां पानी भरे होने से हाइवा पूरी तरह डूब गई। रेस्क्यू आपरेशन के बाद भी हाइवा को नहीं निकाला जा सका। दोपहर तक कोई यह नहीं बता सका कि हाइवा के ड्राइवर-हेल्पर पानी में डूबे या सुरक्षित बच गए।
सूचना मिलते ही ईई एसएन सिंह दर्री थाना प्रभारी एसआर सोनवानी स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। प्रभारी एएसपी प्रशांत कतलम, तहसीलदार कटघोरा आरके तंबोली, एसडीओ आरएस बघेल एवं सिंचाई विभाग के अधिकारी भी वहां पहुंचे। मौके पर लोगों की भीड़ भी जूट गई। पुल पर भीड़ होने से जाम समेत अन्य अप्रिय घटना ना हो इसके लिए पुलिस जवानों के अलावा बालको के निजी सिक्युरिटी एजेंसी के गार्ड ड्यूटी पर लगाए गए। एशियन फायर के प्रशिक्षार्थी भी मौके पर टूटे रेलिंग की घेराबंदी में लगे थे। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने ड्राइवर-हेल्पर के डूबे होने की संभावना से रेस्क्यू आपरेशन के लिए टीम बुलाई। नगर सेना के दक्ष गोताखोर की टीम मौके पर पहुंची। लाइफ जैकेट के साथ टीम ने वहां सर्च किया, लेकिन गहराई ज्यादा होने के कारण उन्हें सफलता नहीं मिली। सिंचाई विभाग का नाव भी काम नहीं आया। इसके बाद एचटीपीपी से क्रेन मंगाई गई।
प्लांट से ही रेस्क्यू आपरेशन के लिए दक्ष स्टाफ भी वहां पहुंचा। दोपहर लगभग 12 बजे पुल के दोनों छोर मेजर ध्यान चंद चौक एवं बरॉज तिराहे पर आवागमन रोककर रेस्क्यू आपरेशन की कवायद शुरू की गई। वजनी क्रेन का आपरेटर गेट नंबर-8 के ऊपर पहुंचा। इस बीच वहां पहुंचे प्रभारी एएसपी श्री कतलम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों समेत रेस्क्यू आपरेशन के लिए पहुंचे टीम से चर्चा की। अधिकारियों ने रेस्क्यू आपरेशन में पुल पर दबाव पड़ने की जानकारी दी। श्री कतलम ने जब सिंचाई विभाग के अधिकारियों से चर्चा की तो उन्होनें रेस्क्यू आपरेशन के दौरान 8 टन वजन की क्षमता वाले पुल पर असर पड़ने की संभावना जताई। उन्होंने इसे रिस्क बताते हुए रेस्क्यू आपरेशन से पहले सिंचाई विभाग के अधिकारियों को टेक्निकल टीम से परीक्षण कराने एवं टेक्निकल टीम के निर्देशानुसार रेस्क्यू आपरेशन चलाने को कहा है। इसके बाद दोपहर लगभग 12.30 बजे मौके से क्रेन हटाकर यातायात बहाल किया गया।








