परीक्षा पर मंत्री की हां, कुलपति की ना
Source: bhaskar news | Last Updated 03:23(02/02/12)
रायपुर/बिलासपुर। प्राइवेट परीक्षा न लेने के गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के फैसले को तीन महीने गुजर गए, लेकिन उलझन अभी भी कायम है। इन तीन महीनों में उच्च शिक्षा मंत्री हेमचंद यादव ने तीसरी बार कहा है कि 40 हजार प्राइवेट परीक्षार्थियों की मुश्किलों को देखते हुए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि परीक्षा सरगुजा यूनिवर्सिटी लेगी। कुलपति डॉ. सुनील वर्मा ने इसके लिए सहमति दे दी है। इधर, कुलपति ने कहा है कि उन्होंने ऐसी कोई सहमति नहीं दी है और न ही ऐसा कोई नियम है कि सरगुजा यूनिवर्सिटी परीक्षा ले। रविशंकर यूनिवर्सिटी इसके लिए बेहतर विकल्प है।
राज्य सरकार ने एक बार फिर भरोसा दिलाया है कि गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्राइवेट परीक्षार्थियों की परीक्षा सरगुजा यूनिवर्सिटी लेगी। उच्च शिक्षामंत्री यादव ने दैनिक भास्कर से कहा कि जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि किसी भी छात्र का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति को विधानसभा सत्र के दौरान बुलाकर चर्चा की गई थी। तब वे परीक्षा के लिए सहमत थे, लेकिन केंद्र के नियमों की वजह से ऐसा नहीं हो पाया। अब राज्य की सरगुजा यूनिवर्सिटी से परीक्षा कराने की तैयारी की जा रही है। परीक्षा का आयोजन बिलासपुर में ही किया जाएगा।
क्या है मामला
गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने के बाद यह अड़चन आ रही है। सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने दो साल तो प्राइवेट परीक्षा ली, लेकिन उसके बाद परीक्षा लेने से इनकार कर दिया। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय इसकी अनुमति देने को तैयार नहीं है। सेंट्रल यूनिवर्सिटी के इस फैसले से बिलासपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा और कोरबा जिले के लगभग 40 हजार विद्यार्थियों का भविष्य अधर में है। इस मुद्दे को लेकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्राध्यापक भी प्राइवेट छात्रों के पक्ष में उतर गए हैं।
बयान, बयान और सिर्फ बयान..
प्राइवेट परीक्षा न लेने का फैसला तीन महीने पुराना है, लेकिन इसका हल क्या होगा, इस पर फैसला लेने के बजाय मंत्री से सचिव तक सिर्फ बयान देते ही आए हैं। उच्च शिक्षा मंत्री तीन बार बोल चुके हैं कि शासन को 40 हजार परीक्षार्थियों की चिंता है। इतनी ही बार सरगुजा विवि के कुलपति दोहरा चुके हैं कि वे किसी भी हाल में परीक्षा नहीं लेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा परीक्षा लेने के बयान के बाद उच्च शिक्षा विभाग को अब ठोस नतीजे तक पहुंच जाना था, लेकिन घोषणा को 21 दिन गुजरने के बाद भी मंत्री का कहना है कि परीक्षा को लेकर ‘आधिकारिक घोषणा’ जल्द ही की जाएगी।
प्राध्यापक भी साथ में
इस मुद्दे पर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्राध्यापक भी प्राइवेट विद्यार्थियों के पक्ष में उतर गए। उन्होंने घोषणा की कि अगर छात्रों के हितों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह रेगुलर छात्र-छात्राओं की परीक्षा का भी बहिष्कार कर देंगे। प्रोफेसरों की यह धमकी कारगर साबित हुई है। दैनिक भास्कर लगातार इस मुद्दे को उठाता रहा है।
दबाव डाला तो भी जवाब ना : वर्मा
सरगुजा यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. सुनील वर्मा ने कहा कि उन्होंने प्राइवेट परीक्षा लेने के संबंध में कोई सहमति नहीं दी है। 21 दिसंबर को रायपुर की बैठक में चर्चा जरूर हुई थी, लेकिन सहमति नहीं बनी। 60 के स्टाफ वाली सरगुजा से बेहतर विकल्प रविशंकर यूनिवर्सिटी है। प्राइवेट परीक्षा के लिए दबाव डाला गया तो उनका जवाब ‘ना’ ही होगा।
प्राइवेट छात्रों की संबद्धता सरगुजा विश्वविद्यालय से होगी। सरकार बहुत जल्द इसकी घोषणा करेगी। किसी का साल बर्बाद नहीं होगा।
हेमचंद यादव, उच्च शिक्षा मंत्री
क्या कहता है नियम
सरगुजा यूनिवर्सिटी राज्य शासन के अधीन है। शासन के आदेश को मानने के लिए सरगुजा यूनिवर्सिटी बाध्य है। अगर शासन व्यवस्था देता है कि परीक्षा सरगुजा यूनिवर्सिटी को लेनी है तो उसे इसका पालन करना होगा।
बयान-दर-बयान
4 नवंबर 2011: प्राइवेट परीक्षार्थियों की समस्या हल करेंगे। -हेमचंद यादव, उच्च शिक्षा मंत्री
1 दिसंबर: परीक्षा हर हाल में कराएंगे। सरगुजा यूनिवर्सिटी का विकल्प भी देखा जाएगा।
-सीके खेतान, उच्च शिक्षा सचिव
20 दिसंबर: परीक्षा लेने के लिए दबाव डाला गया तो इस्तीफा दे दूंगा।-डॉ. सुनील वर्मा, कुलपति सरगुजा विवि
11 जनवरी: प्राइवेट परीक्षा सेंट्रल यूनिवर्सिटी नहीं, बल्कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी। -कपिल सिब्बल, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री
12 जनवरी: सिब्बल चिंता न करें, परीक्षा राज्य सरकार लेगी।-डॉ. रमन सिंह, सीएम