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नक्सल क्षेत्र में फुटबॉल के जरिए पैठ बनाएगी फोर्स
राजेश जोशी
| Feb 15, 2013, 08:14AM IST

रायपुर। नक्सल प्रभावित इलाकों के युवाओं के बीच पैठ बनाने के लिए सीआरपीएफ और पुलिस ने अब फुटबॉल का सहारा लिया है। वे इसी महीने अबूझमाड़ कप फुटबॉल टूर्नामेंट कराने जा रहे हैं, जिसमें बस्तर के छह जिलों की 20-20 टीमें हिस्सा लेंगी। फाइनल जीतने वाली टीम को इनाम के अलावा कोलकाता समेत देश के अन्य शहरों में फुटबॉल की ट्रेनिंग लेने का मौका मिलेगा।
राज्य के नक्सल प्रभावित इलाकों में इस तरह की यह पहली व देश में दूसरी कोशिश होगी। पश्चिम बंगाल के नक्सल क्षेत्रों में भी सीआरपीएफ ने करीब दो साल पहले ऐसा ही टूर्नामेंट आयोजित किया था। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले कुछ खिलाड़ियों को ट्रेनिंग के लिए जर्मनी भी भेजा गया। पूरा खर्च सीआरपीएफ ने उठाया था।
प्रतियोगिता के बाद पुलिस को पता चला कि इसमें कई नक्सलियों के बच्चे भी खेलने पहुंचे थे। सीआरपीएफ तीन माह से इस स्पर्धा की तैयारी कर रही है। आईजी जुल्फिकार हसन ने बताया कि एक-दो दिन में तारीख तय हो जाएगी। टूर्नामेंट 15-20 दिन का होगा।
सोच बदलने की कोशिश
बस्तर का एक बड़ा इलाका सालों से नक्सली हिंसा से जूझ रहा है। फोर्स की कोशिश यही है कि वहां के युवाओं में सकारात्मक विचारों को लाया जाए। इसका अच्छा माध्यम खेल प्रतियोगिताएं हो सकती हैं।
खतरा भी बरकरार
फोर्स को इस बात का अंदेशा भी है कि नक्सली टूर्नामेंट में बाधा पहुंचा सकते हैं। इस कारण वह हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है। ग्रामीणों को विश्वास में लिया जा रहा है। अंदरूनी इलाकों में टूर्नामेंट को लेकर प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।
लगातार कवायद जारी
सीआरपीएफ और पुलिस आम लोगों का भरोसा जीतने के लिए बस्तर में कई कार्यक्रम कर रही है। सेना गांवों में स्कूलों के अलावा अस्पतालों का संचालन कर रही है। विकास की योजनाओं में भी सेना की मदद मिल रही है। बस्तर के युवाओं को भर्ती के लिए तैयार करने के लिए सेना ने विशेष अभियान चला रखा है।







