लोकार्पण समारोह बना राजनीतिक अखाड़ा
Source: bhaskar news | Last Updated 03:50(05/02/12)
रायपुर। सुंदरनगर वार्ड के भीमनगर में प्राथमिक शाला भवन और सामुदायिक भवन का लोकार्पण समारोह शनिवार को राजनीतिक अखाड़ा बन गया। इस मौके पर महापौर किरणमयी नायक और वार्ड पार्षद मृत्युंजय दुबे ने नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत को जमकर कोसा। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे बृजमोहन अग्रवाल के सामने ही महापौर नायक ने मूणत की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि पार्षद, महापौर ही नहीं सामान्य सभा जैसी डिसीजन मेकिंग अथॉरिटी को भी दरकिनार कर नगरीय निकाय मंत्री अपनी मर्जी से विकास कार्यो को मंजूरी दे रहे हैं। अपने ही साथी मंत्री पर लगे आरोपों के बारे में बिना टिप्पणी किए बृजमोहन अग्रवाल ने मिल-जुलकर राजधानी के विकास पर जोर दिया। जिस सड़क के प्रस्ताव को नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा रोके जाने का मुद्दा आया था, उसके लिए बृजमोहन ने अपने विभाग के मद से 50 लाख रुपए अनुदान देने की घोषणा कर दी।
बृजमोहन अग्रवाल ने शहर में विकास कार्यो को लेकर हस्तक्षेप या राजनीति के तमाम आरोपों का जिक्र तक अपने भाषण में नहीं किया। शहर के विकास को लेकर पिछले एक हफ्ते से भाजपा और कांग्रेस में घमासान मचा है। राजनीतिक खींचतान के बीच जब आज लोकार्पण कार्यक्रम तय हुआ तो कांग्रेस को इस मंच का इस्तेमाल करने का मौका मिल गया। करीब साढ़े तीन घंटे देरी से शाम साढ़े पांच बजे शुरू हुए कार्यक्रम में महापौर के अलावा निगम के सभापति और भाजपा नेता संजय श्रीवास्तव भी थे। शहर के विकास में महापौर पर सीधे हमला बोलने वाले निगम के नेता प्रतिपक्ष सुभाष तिवारी भी कार्यक्रम में पहुंचे थे।
मंच के माहौल को देखकर वे बमुश्किल पांच मिनट बाद ही व्यस्तता का हवाला देकर वहां से निकल गए। सुभाष तिवारी का कहना था कि स्कूल भवन के लोकार्पण समारोह में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। पार्टी के मंत्री को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे हालात में वे मंच पर नहीं बैठ सकते। बृजमोहन के पहुंचने के पहले तक संजय श्रीवास्तव ही कांग्रेसियों के हमले झेलते रहे।
वार्ड के निर्दलीय पार्षद और एमआईसी सदस्य मृत्युंजय दुबे ने स्वागत भाषण में ही नगरीय प्रशासन विभाग की कार्यप्रणाली पर निशाना बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो साल की समीक्षा की जाए, तो ऐसा लगता है कि निगम की बागडोर भी मंत्री राजेश मूणत ने ही संभाल रखी है। खासकर राज्य के दबंग मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के विधानसभा क्षेत्र रायपुर दक्षिण की उपेक्षा की जा रही है। रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में कांक्रीट की सड़कें बन रही हैं। पांच-पांच तालाबों का सौंदर्यीकरण हो रहा है, लेकिन सड़क के दूसरी तरफ रायपुर दक्षिण के सारे प्रस्ताव सूडा या नगरीय प्रशासन विभाग में अटके हुए हैं।
मृत्युंजय दुबे का कहना था कि मंत्री के यहां से कामों की लिस्ट जारी होती है। पार्षद, महापौर को पूछा तक नहीं जाता। सुंदर नगर सड़क का प्रोजेक्ट दो साल से सामान्य सभा से पास होकर पड़ा हुआ है। मृत्युंजय दुबे के भाषण के दौरान मंच पर बैठीं महापौर मुस्कुराती रहीं। सभापति संजय श्रीवास्तव ने मूणत पर लगे आरोपों के बारे में टिप्पणी किए बिना कहा कि विकास के काम सबके सहयोग से होता है। विकास पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। मृत्युंजय दुबे ने जिन कामों के अटकने का जिक्र किया है, उनको पूरा करने का रास्ता निकाला जाएगा।
टोल का फैसला केंद्र करेगा
सुंदर नगर रिंग रोड पर प्रस्तावित टोल प्लाजा के मुद्दे पर लोक निर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इसका फैसला केंद्र सरकार करेगी। सांसद रमेश बैस के घर हुई बैठक में टोल प्लाजा के मुद्दे पर नगरीय प्रशासन मंत्री मूणत और लोक निर्माण मंत्री के बीच असहमति थी। बैस ने इस मसले पर केंद्र सरकार को पत्र लिखकर राय मांगी है।
हर काम में हो रही दखलंदाजी- महापौर : महापौर किरणमयी नायक ने भी मृत्युंजय दुबे के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि उनके हर काम में दखलंदाजी की जाती है। स्वतंत्र रूप से काम करने ही नहीं दिया जा रहा है। केंद्र सरकार जब राज्य सरकार को पैसे देती है तो यह तय नहीं करती कि किस जिले या नगर निगम में कितने करोड़ के काम होंगे। मगर राज्य सरकार ने रायपुर नगर निगम को जो 272 करोड़ रुपए दिए हैं, उसके हर पैसे का मद निर्धारित है।
कमिश्नर या महापौर अपनी मर्जी से १क् हजार रुपए का भी काम नहीं करा सकते। उन्होंने बृजमोहन अग्रवाल से इन हालातों को सुधारने की अपील की। ताकि विकास के कामों में हो रही राजनीति पर अंकुश लगे। पार्षद और महापौर के काम में दखलंदाजी न हो।