नगरीय प्रशासन विभाग के बजट प्रावधानों पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने ये दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए। मेट्रो ट्रेन चलाने के संबंध में नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत ने इससे पहले केंद्रीय मंत्री कमलनाथ और कुमारी शैलजा से बात की थी।
आज मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में उन्होंने इस प्रस्ताव को रखा। मुख्यमंत्री ने योजना को मंजूरी देते हुए आगामी बजट में इसके लिए टोकन राशि रखने का आश्वासन दिया। मूणत ने बताया कि मेट्रो चलाने के लिए 20 लाख की आबादी का शहर होना चाहिए। रायपुर से राजनांदगांव की आबादी करीब 30 लाख है। इसलिए यहां पर मेट्रो चलाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
चार बड़े स्टॉपेज
नया रायपुर से रायपुर 18 किलोमीटर रायपुर से भिलाई 30 किलोमीटर भिलाई से दुर्ग 10 किलोमीटर दुर्ग से राजनांदगांव 28 किलोमीटर
राज्य के आगामी बजट में टोकन राशि का होगा प्रावधान
पिलर भी होगा
मेट्रो ट्रेन चलाने के लिए अंडरग्राउंड पटरी बिछाने से लेकर मुख्य यातायात वाली जगह में पिलर बनाया जाएगा। फिलहाल इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन डीपीआर में इसका उल्लेख किया जाएगा।
क्या होगा फायदा
मेट्रो ट्रेन चलने से रायपुर से राजनांदगांव के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। इससे लोगों को अपने साधनों पर निकलने की निर्भरता भी कुछ कम होगी, जिससे ईंधन भी बचेगा।
आगे क्या
राज्य सरकार की मंजूरी के बाद अब नगरीय प्रशासन विभाग मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना की विस्तृत रिपोर्ट बनाएगा। उसके बाद यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। केंद्र की सहमति के बाद आगे का काम होगा।
भाजपा के घोषणा पत्र में था उल्लेख
2008 विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा ने मेट्रो ट्रेन चलाने के लिए अपने घोषणा पत्र में उल्लेख किया था। लेकिन भारी-भरकम खर्चे को देखते हुए बाद में इस योजना को छोड़ दिया गया। राज्य सरकार ने नए सिरे से इस योजना पर विचार शुरू किया है।
सुधरेगी शहरों की दशा
रायपुर समेत राज्य के सभी शहरों में विकास कार्यो को तेजी प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक हजार करोड़ रुपए के विशेष पैकेज को मंजूरी दी है। इसमें सरकार 500 करोड़ रुपए की सब्सिडी देगी। इसके तहत शहरों में नाली, सड़क, पीने का पानी और बिजली के लिए काम होगा। मूणत ने स्पष्ट किया कि विशेष पैकेज से केवल बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान दिया जाएगा। राज्य के शहरों में करीब 22 प्रतिशत आबादी रहती है।