रायपुर। छत्तीसगढ़ के तीन बहादुर बच्चों को वर्ष 2012 का राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार दिया जाएगा। इनमें से दंतेवाड़ा की बालिका अंजलि सिंह गौतम का चयन बापू गाय धानी विशेष राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए किया गया है। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह 23 और 24 जनवरी को नई दिल्ली में अंजलि, रायपुर की शीतल साध्वी सलूजा और रायगढ़ के रंजन प्रधान को सम्मानित करेंगे। बच्चों को नकद राशि, मेडल और प्रशस्ति पत्र दिए जाएंगे। पुरस्कार लेने के लिए शीतल सलूजा नई दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी हैं। राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए देशभर से कुल 24 बच्चों का चयन किया गया है।
नक्सलियों से भाई को बचाया
अंजलि सिंह गौतम (दंतेवाड़ा)
उम्र: 14 वर्ष पिता: अवधेश सिंह गौतम
दिन-07 जुलाई 2010, समय-रात 12.45 बजे। लगभग 250 नक्सली नकुलनार स्थित पिता अवधेश सिंह गौतम के घर घुसे। दो (संजय सिंह व धर्मेंद्र) को गोली मारने के बाद अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अवधेश व उनकी पत्नी छत पर चले गए। अंजलि, उसका छोटा भाई अभिजीत एवं दादी नीचे थे। फायरिंग के बीच खुद की परवाह किए बिना अंजलि ने लहूलुहान अभिजीत को अपनी पीठ पर लादा व उसे करीब 300 मीटर दूर दादा के घर सुरक्षित पहुंचाया।
चेन स्नेचर्स से भिड़ गईं
शीतल साध्वी सलूजा (रायपुर)
उम्र: 10 वर्ष
पिता:राजकुमार सलूजा
दिन-18 दिसंबर 2010, शैलेंद्र नगर की शीतल अपनी मां के साथ दुपहिया वाहन से टाटीबंध जा रही थी। अचानक चलते वाहन से दो लुटेरे उनके बगल में आए और मां के गले से सोने की चैन खींचने की कोशिश की। इसी दौरान शीतल ने एक लुटेरे का कॉलर पकड़ लिया। लुटेरे की लाख कोशिशों के बावजूद उसे नहीं छोड़ा। दोनों लुटेरे गिर गए। राहगीरों ने उन्हें पुलिस के हवाले किया। पुलिस महानिदेशक एवं मुख्यमंत्री ने शीतल को सम्मानित भी किया।
डूबते बच्चे को बचाया
रंजन प्रधान (रायगढ़)
उम्र: 15 वर्ष पिता: कृष्ण चन्द
दिन-8 मई 2011, समय-सुबह 10 बजे। ग्राम भठली में जोगेश्वरी प्रधान का 05 वर्षीय पुत्र राहुल, कृष्ण चंद्र प्रधान के घर के पीछे बाड़ी में खेलते वक्त 30-35 फिट गहरे कुएं में गिर गया। पास खड़े बालक रंजन ने बिना एक पल गंवाए कुएं में छलांग लगा दी। कुएं में लगी ईंटों के सहारे वह डूबते राहुल को पकड़कर लटका रहा। रंजन की दादी देवकी प्रधान की चीख-पुकार सुनकर अन्य ग्रामीणों की सहायता से दोनों को सकुशल बाहर निकाला गया।