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बैठे थे वोट बढ़ाने, भड़के मूणत पर

 
Source: dainik bhaskar news   |   Last Updated 04:17(04/02/12)
 
 
 
 
रायपुर. शहरी सीटों पर कांग्रेस का जनाधार बढ़ाने के लिए बुलाई गई जनप्रतिनिधियों की बैठक में नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा। ज्यादातर प्रतिनिधि इस बात की शिकायत करते रहे कि नगरीय निकायों में मंत्री का हस्तक्षेप बढ़ रहा है।




प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल और नेता प्रतिपक्ष रविंद्र चौबे से नगरीय निकाय के प्रतिनिधि यह चाहते हैं कि पूरे राज्य में सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ा जाए। कांग्रेस भवन में शुक्रवार को पटेल और चौबे अपने साथ वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल, सत्यनारायण शर्मा और अरविंद नेताम को लेकर बैठे।


इस बैठक में हर निकाय से एक-एक प्रतिनिधि को बुलाया गया था। जहां महापौर हैं वहां के महापौर को और जहां अध्यक्ष हैं वहां के अध्यक्ष को। उपाध्यक्ष और सभापति भी इसमें बुलाए गए।


बैठक में कांग्रेस शासित नगरीय निकायों में अफसरों के हस्तक्षेप को कांग्रेस ने अलोकतांत्रिक करार देते हुए विरोध की रणनीति बनाई है। निकायों के चुने हुए कांग्रेस जनप्रतिनिधियों ने आयुक्त और सीएमओ पर विकास कार्यो में सहयोग नहीं देने का आरोप लगाया।


उन्होंने नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत पर विकास कार्यो और बजट आबंटन में उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आबंटित राशि को खर्च करने का अधिकार अधिकारियों के पास हैं, कुछ निकायों में अफसरशाही के कारण ही विकास कार्य अवरुद्ध हो रहा है।

कांग्रेस ने भाजपा सरकार के हस्तक्षेप के विरोध की जो रणनीति बनाई है उसके मुताबिक कांग्रेस शासित निकायों में संवैधानिक स्थिति बनाए रखने के लिए कई मामलों को कोर्ट में ले जाया जाएगा, कुछ मामलों को विधानसभा में उठाया जाएगा और जनप्रतिनिधियों को काम करने में आ रही समस्याओं को लेकर पार्टी के नेता राज्यपाल से मिलेंगे।

दिनभर चली रायशुमारी के बाद जनप्रतिनिधियों की नियमित बैठक करने और पार्षदों का सम्मेलन करने का निर्णय लिया गया। 6 फरवरी को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सभी महामंत्रियों से विचार कर राज्य सरकार के खिलाफ चलाए जाने वाले आंदोलन के बारे में निर्णय करेंगे।

इसमें आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। सम्मेलन में प्रदेश उपाध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर, महामंत्री भूपेश बघेल, अरुण वोरा, सुभाष शर्मा, विधान मिश्रा, फूलो देवी नेताम, चंद्रभान बारमते, शिवकुमार डहरिया, रमेश वल्र्यानी, महापौर किरणमयी नायक, वाणी राव, निर्मला यादव, नरेश डाकलिया सहित नगर पालिका और नगर पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सभापति मौजूद थे।


भेदभाव के खिलाफ मिलकर लड़ने का संकल्प : प्रदेश अध्यक्ष श्री पटेल ने कहा कि कांग्रेस शासित निकायों में विकास कार्यो के लिए धनराशि देने में भाजपा सरकार भेदभाव कर रही है। कांग्रेस सत्ता में रहते हुए ऐसा नहीं करती। यूपीए सरकार गांव और शहरों के विकास के लिए बिना भेदभाव के धनराशि दे रही है, लेकिन राज्य सरकार कांग्रेसी निकायों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।



नेता प्रतिपक्ष श्री चौबे ने कहा कि हमें मिशन 2013 के साथ 2014 की भी तैयारी करनी है। इसके लिए कांग्रेस के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की यह पहली बैठक है। आधे से अधिक निकायों में कांग्रेस के जनप्रतिनिधि हैं। नगरीय निकाय स्वायत्तशासी संस्थाएं हैं, लेकिन राज्य सरकार उन्हें स्वतंत्रता से काम नहीं करने दे रही है।



रायपुर, बिलासपुर, भिलाई और राजनांदगांव में कांग्रेस के महापौर को परेशान किया जा रहा है। कांग्रेस इससे मिलकर निपटेगी।
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
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