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राज्य में बिजली की बढ़ी दरों पर भाजपा विधायक ने ही मुख्यमंत्री को घेरा
Bhaskar news
| Jul 17, 2012, 04:46AM IST

पटेल ने कांग्रेस विधायक राजकमल सिंघानिया के साथ मिलकर ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से यह मामला उठाया। पटेल ने कहा कि समय पर मीटर रीडिंग नहीं होने के कारण लोगों को एक साथ भारी भरकम बिल थमाया गया है। जिस उपभोक्ता को 200 रुपए तक का बिल आता था उसको दो हजार रुपए तक का बिल दिया जा रहा है। गरीबी रेखा के उपभोक्ताओं को भी जिनका 10 से 15 रुपए बिल आता था उनको 700 रुपए तक का बिल भेजा जा रहा है। बिजली कंपनी में काफी समय से लिपिक और लाइनमैन के रिक्त पद भरे नहीं गए हैं। बाहर के लोगों को बुलाकर काम कराया जा रहा है। ज्यादातर काम आउट सोर्सिग से कराने की वजह से यह समस्या आ रही है। बिजली की दरें बढ़ाने के बाद भी लोगों को सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। कांग्रेस विधायक राजकमल सिंघानिया और टीएस सिंहदेव ने अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए लोगों को परेशानियों से राहत दिलाने की मांग की।
समस्या सुधार ली जाएगी
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने जवाब में कहा कि मीटर रीडरों की हड़ताल की वजह से समय पर रीडिंग नहीं हो पाई। इस वजह से बाद में एकमुश्त बिल लोगों को जारी हो गया। कुछ दिक्कतें हुई हैं, यह बात सही है। मीटर रीडिंग की गड़बड़ियों और अन्य विसंगतियों को दूर करने के लिए स्पॉट बिलिंग की व्यवस्था लागू की गई है। महीने-डेढ़ महीने के भीतर सारी व्यवस्था सुधार ली जाएगी। जहां बिजली की दर की बात है देश में छत्तीसगढ़ राज्य ही सबसे कम दर पर बिजली सप्लाई करने वाला राज्य है। यहां पर 4.07 रुपए की दर से बिजली की सप्लाई हो रही है। यहां तक की दिल्ली से भी बिजली छत्तीसगढ़ में सस्ती है। दिल्ली 6.63रुपए की दर से बिजली सप्लाई की जा रही है। छत्तीसगढ़ को सेंट्रल से मिलने वाली बिजली 1.09 रुपए महंगी कर दी गई है। इसके अलावा कोयले की दरों में दोगुनी वृद्धि हो गई है। 540 रुपए प्रति टन की दर से मिलने वाला कोयला अब 994 रुपए की दर से मिल रहा है। इस वजह से राज्य में बिजली की दरें बढ़ानी पड़ी हैं। फिर भी अन्य राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में बेहतर व्यवस्था है।
किस्तों में भुगतान की सुविधा
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिनको बिल अधिक आ रहे हैं, उनको किस्तों में भुगतान की सुविधा दी जा रही है। उपभोक्ताओं को तीन किस्तों में राशि जमा करने के लिए कहा जा रहा है। इसी प्रकार जिन लोगों को सुरक्षा निधि अधिक लग रही है, उनसे भी तीन किस्तों में यह राशि ली जाएगी। सिंगलबत्ती कनेक्शन के तहत टीवी फ्रिज का उपयोग करने वाले गरीब उपभोक्ताओं को भी सामान्य उपभोक्ता की श्रेणी में लाया जाएगा। वैसे सिंगलबत्ती कनेक्शन में 30 यूनिट तक ही बिजली फ्री है। उसके बाद जितनी बिजली जलेगी, उसका बिल दिया जाएगा।








