एलआईसी में बड़ा घोटाला, जनश्री योजना में करोड़ों का घपला

रायपुर/भिलाई.एलआईसी अधिकारियों ने बिलासपुर निगम कर्मी, एनजीओ संचालक के साथ मिलकर शासन को एक करोड़ 14 लाख रुपए का नुकसान पहुंचाया। आरोपियों ने फर्जी क्लेम कर बीमा राशि का आहरण किया। सीबीआई ने इनके खिलाफ अपराध दर्ज करते हुए बुधवार को रायपुर व बिलासपुर में दो-दो ठिकानों पर छापा मारा। कार्रवाई में जांच एजेंसी को आरोपियों के यहां फर्जी क्लेम से संबंधित दस्तावेज मिले।
सीबीआई एसपी एलएम मांझी ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली की बिलासपुर निगम में जारी फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर जनश्री बीमा योजना की राशि का बंदरबाट हुआ है। आरोपियों ने फर्जी हितग्राहियों के नाम या नामिनी बन कर एक करोड़ 14 लाख रुपए का क्लेम किया। ऐसे 570 प्रकरण हैं जिसमें इस तरह की हेराफेरी की गई।
सारे मामले वर्ष 2008 से 2011 के बीच के हैं। सात केस में तो आरोपियों ने फर्जी क्लेम करने एक ही व्यक्ति की दो से तीन बार मौत होना बताया। वहीं 28 केस में तो एनजीओ चलाने वाले विजय पांडे ने ही नामिनी बन कर क्लेम हासिल कर लिया। इस पर सीबीआई की चार टीम ने बुधवार की सुबह एलआईसी पंडरी शाखा रायपुर ब्रांच मैनेजर एचके गढ़पाल के डंगनिया, मार्केटिंग मैनेजर एके देवांगन के गुढियारी, बिलासपुर नगर निगम के क्लर्क अशोक सूर्यवंशी के रतनपुर व एनजीओ विजय पांडे कस्तूरबा नगर बिलासपुर स्थित निवास में छापा मारा।
एलआईसी अफसरों के ठिकानों पर सीबीआई के छापे
कैसे किया गोलमाल
एलआईसी ने शहरी विकास अभिकरण के माध्यम से बीपीएल परिवारों के लिए जनश्री बीमा योजना शुरू की है। 20 से 20 हजार रुपए तक का बीमा कराया गया। बीमाकृत लोगों को मृत बताकर उनकी राशि अफसरों ने हड़प ली।
गुप्त शिकायत पर छानबीन
सीबीआई को गुप्त शिकायत मिली थी कि जनश्री बीमा योजना के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। सीबीआई ने अपने जासूसों के माध्यम से छानबीन करवाई। प्रारंभिक जांच में धांधली के संकेत मिलने के बाद छापे की योजना बनायी गई। भिलाई स्थित मुख्यालय से अलग-अलग टीमें बनाकर छापे मारे गए।
बड़े खुलासे की संभावना
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बड़ा खुलासा हो सकता है। सीबीआई ने मामले में हालांकि किसी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया है। अफसरों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद केस दर्ज किया जाएगा। पता चला है कि एलआईसी में पदस्थ केआर नेताम के घर पर भी छापे की तैयारी थी। सीबीआई उनके घर गई थी लेकिन वे नहीं मिले।





