विपक्ष बाहर, ‘वेस्ट मैनेजमेंट’ पास
Source: dainik bhaskar news | Last Updated 03:55(08/02/12)
रायपुर. नगर निगम की सामान्य सभा से अंतत: इंटिग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान को हरी झंडी मिल गई। मंगलवार को निगम दफ्तर में सामान्य सभा में इस मुद्दे पर बहस के दौरान भाजपा पार्षद दल ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान के मुद्दे पर वॉकआउट कर दिया। मगर उनका वाकआउट सांकेतिक था। उनके वाकआउट के बाद सभापति संजय श्रीवास्तव ने प्रस्ताव पर वोटिंग कराई। कांग्रेस पार्षद दल ने बहुमत के साथ ही संशोधन करके प्रस्ताव को पास कर दिया। वेस्ट मैनेजमेंट प्रस्ताव के साथ ही बहुप्रतिक्षित सिटी बस योजना को भी संशोधन के साथ पारित कर दिया गया।
सामान्य सभा से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रस्ताव पास होने के बाद अब यह राज्य शासन के पास भेजा जाएगा। शासन से अनुमोदन मिलने के छह महीने के अंदर शहर में इंटिग्रेटेड प्लान का ठेका लेने वाली बंगलुरू की किवार एंड वायरन ग्रुप काम करना शुरू कर देगी। गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2011 को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के प्रस्ताव को निगम की सामान्य सभा ने निरस्त कर दिया था। कमिश्नर तारन सिन्हा ने इस प्रस्ताव को अपने विशेषाधिकार के साथ वापस सामान्य सभा में लाया था।
कांग्रेस पार्षद दल के साथ ही निर्दलीय पार्षदों ने चार नए संशोधनों के साथ इस प्रस्ताव को पारित किया। महापौर किरणमयी नायक ने सदन को बताया कि दो साल के बाद पूरी व्यवस्था को सामान्य सभा में पुन: रखा जाएगा। दूसरा, कंपनी जब से काम करना शुरू करेगी तब से शुरुआत के छह महीने तक कोई यूजर चार्ज नहीं लिया जाएगा। तीसरा, संपत्ति कर के साथ जो स्वच्छता शुल्क जो समेकित कर में शामिल है, उसे खत्म किया जाएगा। चौथा, निगम की 150 से अधिक सफाई की गाड़ियों को या तो कंपनी को किराए पर दिया जाएगा, या फिर सारी गाड़ियां निगम के दूसरे विभाग को दे दी जाएंगी।
अब तक की कहानी
राजधानी में सफाई व्यवस्था सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट स्कीम के तहत निजी हाथों में दी जा रही है। पिछली सामान्य सभा में भाजपा के विरोध के बीच प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया था।आरोप लगे कि कुछ पार्षदों के रिश्तेदारों के पास सफाई ठेके होने की वजह से वे इसमें रुचि नहीं ले रहे।
ये हुआ
कांग्रेस ने पूरी तैयारी के साथ सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के प्रस्ताव को दोबारा पेश किया। भाजपा के पार्षद इसके खिलाफ वाकआउट कर गए। उनकी अनुपस्थित में बिना किसी चर्चा के पूरे प्रस्ताव को पास कर दिया गया।
अब ये होगा
सामान्य सभा से पारित प्रस्ताव को राज्य शासन के पास भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी के बाद ठेका लेने वाली बेंगलुरू की कंपनी करीब छह महीने के अंदर शहर में नया सिस्टम लागू कर देगी।