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नक्सलियों से मिलने को वार्ताकार आज जाएंगे जंगल, कलेक्टर की रिहाई की उम्मीदें बरकरार

dainik bhaskar news | Apr 28, 2012, 01:45AM IST
 
 


रायपुर.  कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन की रिहाई के मुद्दे पर बातचीत के लिए नक्सलियों के दोनों वार्ताकार प्रो. हरगोपाल और ब्रह्मदेव शर्मा सुकमा पहुंच गए हैं। नक्सलियों की तरफ से संदेश के बाद दोनों वार्ताकार शनिवार सुबह हेलिकॉप्टर से रायपुर से निकलकर 11 बजे के आसपास चिंतलनार पहुंचे। वहां से मोटरसाइकिल या जीप के माध्यम से उनका अंदर जंगल में जाने का कार्यक्रम है।

वार्ताकारों के करीबी लोगों का मत है कि शाम तक या कल सुबह वे नक्सली नेताओं से बातचीत कर वापस लौटेंगे। रायपुर में राज्य शासन के दो वार्ताकारों के साथ उनको दो दिन की चर्चा हो चुकी है। बातचीत में सामने आए तथ्यों के आधार पर हरगोपाल और बीडी शर्मा नक्सली नेताओं के साथ विचार-विमर्श कर यह पता लगाने की कोशिश कर सकते हैं कि नक्सली सरकार की कितनी मांगों पर सहमत हैं।

 

नक्सलियों ने कलेक्टर को रिहा करने के बदले पांच मांगें रखी हैं, जिसमें हार्डकोर नक्सलियों को छोडऩा भी शामिल है। इस मांग को लेकर दुविधा की स्थिति है। खुद दोनों पक्षों के वार्ताकार मान रहे हैं कि सजायाफ्ता या अंडर ट्रायल नक्सलियों को छोड़ने में दिक्कत हो सकती है। यही वजह है कि ऐसे बंदियों की तलाश शुरू हो गई है, जिनके खिलाफ गंभीर मामले नहीं हैं और नक्सलियों का दावा है कि उनको जबरन पुलिस ने जेल में ठूंस कर रखा है।
 
वार्ता में शामिल मध्यस्थों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार दोनों पक्ष बीच का रास्ता निकाल रहे हैं। इसमें कुछ ऐसे नक्सलियों को रिहा किया जा सकता है, जिनके खिलाफ साधारण और संदिग्ध किस्म के केस हैं। नक्सलियों ने जिन नक्सलियों को रिहा करने की मांग की है, उनमें निर्मलक्का उर्फ विजय लक्ष्मी, शांतिप्रिया उर्फ मालती, गोपन्ना, मीना चौधरी, देवपाल चंद्रशेखर रेड्डी भी शामिल हैं।

इनके खिलाफ हत्या समेत अन्य अपराधों के 220 से ज्यादा केस हैं। सबसे खूंखार निर्मलक्का है। इनकी रिहाई में दिक्कत है। ओडिशा में भी यही परेशानी आई थी। इसे देखते हुए नक्सलियों के वार्ताकारों ने ऐसे लोगों की सूची तैयार करना शुरू किया है, जिनको कथित रूप से फर्जी मामलों में फंसाकर जेल में रखा गया है। बैठक के दौरान वार्ताकारों ने जब जेलों में बंद ऐसे लोगों की सूची मांगी तो सरकार ने हाथ खड़े कर दिए। ऐसे 20-25 लोगों के नामों को छांटकर उनकी लिस्ट प्रशासन को कल दी जा सकती है।
 
शुक्रवार को सरकार और नक्सलियों के मध्यस्थों के बीच दो दौर की बातचीत में कलेक्टर की रिहाई पर कोई निर्णय नहीं हो सका। सरकार के मध्यस्थ पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच और सुयोग्य मिश्रा ने नक्सलियों के वार्ताकार बीडी शर्मा और प्रो. जी हरगोपाल के साथ सुबह करीब चार घंटे की लंबी मंत्रणा की।
 
इसके बाद रात आठ बजे एक बार फिर बातचीत का दौर चला। बातचीत का खुलासा नहीं किया जा रहा है। लेकिन सूत्रों ने बताया कि कलेक्टर को सकुशल रिहा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। नक्सलियों की प्रमुख मांग 17 नक्सलियों को छोड़े जाने का मामला कानूनी बाधाओं में उलझने की संभावना है। 
 
 
कहा जा रहा है कि सरकार के मध्यस्थों ने इस बात पर किसी प्रकार का कोई आश्वासन नहीं दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए यही बात बार-बार दोहराई जा रही है कि बातचीत सकारात्मक दिशा में चल रही है। रात में हुई बैठक के बाद तय हुआ है कि नक्सलियों के दोनों वार्ताकार नक्सलियों से बातचीत करने के लिए शनिवार को ताड़मेटला जाएंगे। देर रात दोनों वार्ताकारों ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को बातचीत का ब्योरा दिया। 
 
 
सहायक आरक्षक समेत चार को छोड़ा
सुकमा. कलेक्टर अलेक्स पॉल मेनन के अपहरण के बीच एक अच्छी खबर आई है। कोंटा ब्लॉक के आरगट्टा से अपहृत सहायक आरक्षक और तीन ग्रामीणों को माओवादियों ने रिहा कर दिया है। दोरनापाल थाने में पदस्थ सहायक आरक्षक सरियम देवा का 16 अप्रैल की शाम माओवादियों ने उसके गृहग्राम आरगट्टा से अपहरण कर लिया था। घटना के दो दिन बाद 18 अप्रैल को पेद्दाकुरती और आरगट्टा से चार ग्रामीणों के अपहरण की खबरें आईं। गुरुवार देर शाम देवा समेत चार को माओवादियों ने आर्थिक दंड लगाने के बाद छोड़ दिया। 
 
बैठक बेनतीजा नहीं : बुच
बैठक के बाद सरकार की वार्ताकार निर्मला बुच ने कहा कि हमारी बातचीत सकारात्मक दिशा में जा रही है। उम्मीद है कि जल्द बेहतर रिजल्ट आएगा। उन्होंने बातचीत को बेनतीजा मानने से इनकार करते हुए कहा कि चूंकि अभी बातचीत चल रही है इसलिए इस तरह की बातें करना उचित नहीं है।
 
शांति वार्ता को तैयार : सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा कि सरकार नक्सलियों से शांति वार्ता के लिए तैयार है। नक्सल प्रभावित अन्य राज्यों के संदर्भ में भी चर्चा होगी, इसलिए इस मुद्दे पर राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में बात होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी कलेक्टर को रिहा करने के लिए वार्ताकारों के बीच बातचीत चल रही है। उम्मीद है कि रिजल्ट सकारात्मक आएगा। 
 
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