पी.एम. सलाहकार रामादोराई बोले देश में सबसे बड़ी युवा डेमोक्रेटिक शक्ति

रायपुर.प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता वाली नेशनल स्किल डेवलपमेंट काउंसिल के सलाहकार एस. रामादोराई का मानना है कि भारत के पास विश्व की सबसे बड़ी युवा डेमोक्रेटिक फौज है। इसमें 15 से 24 साल के युवा शामिल हैं। सरकार इन्हें कौशल विकास के मौके दे रही है व वोकेशनल कोर्स बना रही है।
रामादोराई ने न्यू सर्किट हाउस में भास्कर से खास चर्चा में कहा कि लोकतंत्र की करीब 8 करोड़ युवा शक्ति का जमाना 2040 तक रहने की उम्मीद है। इसकी यह वजह है कि इनके लिए सरकार उस अवधि तक के लिए योजनाएं बनाने में जुटी है। वे राज्यों का दौरा कर सुझाव एकत्र कर रहे हैं। केंद्र सरकार का काम नीति बनाना है और राज्य सरकारों का काम उस पर अमल करना है। उन्होंने कहा कि हर बच्चा ग्रेजुएट नहीं हो सकता इसलिए सबके अनुसार कोर्स बनाने होंगे।
कंस्ट्रक्शन से लेकर रीटेल तक स्किल्ड लोग नहीं मिल रहे हैं। स्कूलों से लेकर कालेज तक कैसे स्किल्ड लोग तैयार किए जाएं इसके लिए एनएसडीसी हर राज्य के संपर्क में है। वह क्वालिफिकेशन फ्रेम वर्क और टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम भी बना रही है। यह अच्छी बात है कि राज्य सरकार हर ब्लाक में आईटीआई खोल रही है।
इससे स्किल्ड लोग मिल सकेंगे। उन्होंने बताया कि भवन निर्माताओं से टैक्स संग्रह कर फंड बनाया जा रहा है। इसे अनस्किल्ड बच्चों को प्रशिक्षित करने व सुविधाएं देने पर खर्च किया जाएगा। मिशन का उद्देश्य सिर्फ प्रमाणपत्र देना नहीं है।
स्किल डेवलपमेंट मिशन का पोर्टल शुरू :रामादोराई ने मिशन की वेबसाइट डब्लूडब्लूडब्लू डॉट सीएसएसडीएम डॉट इन के पोर्टल का लोकार्पण किया। उन्होंने निजी उद्योगों द्वारा तय लक्ष्य व उसकी पूर्ति के लिए किए जा रहे कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने योजना बनाकर टारगेट पूरा करने का सुझाव दिया।
अफसरों ने उन्हें बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में 2.62 लाख लोगों को ट्रेंड करने का टारगेट है इसमें से 10 हजार 593 को प्रशिक्षित कर दिया गया है। करियर काउंसिलिंग व जॉब फेयर लगाकर प्लेसमेंट दिया जा रहा है। सभी सरकारी आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कालेजों में अतिरिक्त समय में कौशल प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है।
सीएम से भी मिले :एनएसडीसी के सलाहकार रामादोराई ने मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य में स्किल डेवलपमेंट के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसके लिए 81 करोड़ रुपए से अधिक का बजट विभागों व उद्योगों के पास उपलब्ध है। मुलाकात के दौरान एनएसडीसी के एक्टिंग डायरेक्टर जेपी राय व विद्या भट्ट भी मौजूद थीं।
तकनीकी कॉलेजों में कौशल प्रशिक्षण अनिवार्य : सीएम मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मंत्रालय में एस. रामादोराई ने मुलाकात कर राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कौशल विकास मिशन के तहत प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। साथ ही उद्योगों को रोजगार प्रशिक्षण से जोड़ने तथा जिलों में रोजगार मेलों के के लिए सरकार की लगातार पहल और इसके लिए मुख्यमंत्री के स्पष्ट नजरिए की भी सराहना की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने राज्य के सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलीटेक्निक संस्थाओं और शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करना अनिवार्य कर दिया है। इन संस्थाओं के परिसरों में शाम को या खाली समय में बेरोजगारों तथा आम नागरिकों को छोटे-छोटे उपयोगी व्यवसायों का प्रशिक्षण दिलाने का निर्णय लिया गया है।
इतना ही नहीं, बल्कि प्रदेश सरकार ने उद्योगों में नियुक्त होने वाले अथवा कार्यरत ऐसे सभी कामगारों के लिए जिन्हें कौशल प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है, उनका प्रमाणीकरण भी जरूरी कर दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि कौशल प्रमाण-पत्र धारकों को ही कुशल श्रमिक माना जाएगा।
डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री के सलाहकार को बताया कि छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के उद्योगों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए अगले दस वर्ष की कार्ययोजना भी बनायी जा रही है। इस कार्ययोजना में कुशल मानव संसाधन तैयार करने रोजगार प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय खनिज विकास निगम, राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम और दक्षिण पूर्व कोयला प्रक्षेत्र लिमिटेड जैसे केन्द्रीय सार्वजनिक उपRमों के साथ-साथ राज्य के स्थानीय इंजीनियरिंग कॉलेजों और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं को भी जोड़ा जाएगा।
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