इन्वेस्टर्स मीट से मिलेगी नई पहचान

रायपुर. नया रायपुर में 2 और 3 नवंबर को होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट से छत्तीसगढ़ को नई पहचान मिलने की संभावना है।
अब तक पावर हब के रूप में देश में ख्यात अर्जित करने वाले छत्तीसगढ़ को नान कोर सेक्टर के उद्योगों में बड़े पैमाने पर निवेश होगा और इससे राज्य के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। राज्य निर्माण के बाद पहली बार इस तरह का बड़ा आयोजन पहली बार होने जा रहा है जिसमें निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में खनिज आधारित उद्योग अब तक काफी संख्या में लग चुके हैं। खासकर स्टील और ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य में बड़े बड़े उद्योग लगे हैं। छत्तीसगढ़ में 49 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम अपना पावर प्लांट लगा रहे हैं। इसके अलावा एनएमडीसी और टाटा स्टील के भी बड़े उद्योग आ रहे हैं।
राज्य में स्पंज आयरन संयंत्र की संख्या 2000 में मात्र 4 थी लेकिन अब इनकी संख्या 100 से अधिक हो चुकी है। इससे राज्य के औद्योगिक विकास को तेजी मिली। युवाओं को रोजगार भी मिला पर उस पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा नहीं हो पाए जैसी अपेक्षा थी।
इस बार राज्य सरकार ने अपना पूरा फोकस उन उद्योगों पर केंद्रित किया है जिनसे बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार मिले। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आटोमोटिव और आईटी की पालिसी तैयार की गई है। ये ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें एक बड़ा निवेश हो जाए तो उनके साथ सहयोगी उद्योग काफी संख्या में लगते हैं। इसी प्रकार रियल इस्टेट और एग्रो फूड प्रोसेसिंग की नई नीति भी रोजगार को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इन क्षेत्रों में उद्योग आएंगे तो उसका सीधा लाभ राज्य की युवा पीढ़ी को मिलेगा।
देश विदेश से 400 से लोग आएंगे
इन्वेस्टर्स मीट में देश विदेश से 400 से अधिक लोगों के आने की पुष्टि अब तक हो चुकी है। इनमें अमेरिका के काउंसिल जनरल पीटर हॉस, आइसलैंड, कुवैत, कोस्टारिका, क्यूबा के एम्बेसडर शामिल हैं। इनके अलावा देश के कई बड़े औद्योगिक घरानों के प्रतिनिधि और डायरेक्टर इस आयोजन में भाग लेंगे।
ज्यादातर एमओयू 3 को होंगे
इन्वेस्टर्स मीट के पहले दिन 2 नवंबर को प्रमुख उद्योगपतियों से राज्य में निवेश की संभावनाओं और यहां लगाए जा सकने वाले उद्योगों के बारे में चर्चा होगी। उनके आधार पर 3 नवंबर को यहां निवेश के इच्छुक औद्योगिक और व्यावसायिक घरानों से एमओयू किए जाएंगे। ऐसे संकेत हैं कि ज्यादातर एमओयू 3 नवंबर को ही किए जाएंगे।






