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नया रायपुर जाएगा निजी हाथों में
निश्चय कुमार
| Jun 28, 2012, 07:03AM IST

राज्य शासन का मंत्रालय नया रायपुर में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। अफसरों ने बताया कि मेंटेनेंस के लिए एनआरडीए को अलग से विंग बनाना पड़ता। मगर प्राधिकरण के पास इतने अफसर नहीं हैं। निजी कंपनियों के लिए जल्द ही टेंडर निकाला जा रहा है।
इनका होगा मेंटेनेंस
74 किमी लंबी सड़क: नई राजधानी में 74 किमी लंबी सड़कों का जाल बिछ गया है। सड़कें दो साल पहले बनकर तैयार हो गई हैं। सड़क निर्माण करने वाली कंपनी की परफार्मेंस गारंटी जून 2013 में खत्म हो रही है।
अंडर ग्राउंड केबल लाइन प्राधिकरण ने यहां 15 किमी लंबी अंडर ग्राउंड बिजली की केबल लाइन बिछा दी है। साथ ही दो सब स्टेशन तैयार हो गए हैं। 38 किमी लंबाई में स्ट्रीट लाइट के खंभे गड़ चुके हैं। इनमें सीएफएल भी लग गए हैं। सीएफएल खराब होने या केबल लाइन में फाल्ट आने पर इसे निजी कंपनियां ही बदलेंगी।
सफाई की जिम्मेदारी भी: नया रायपुर परिक्षेत्र में मुख्य सड़कों के साथ ही कालोनी की सड़कें और पूरे परिक्षेत्र की सफाई भी निजी हाथों में होगी।
2018 के बाद बनेगा स्थानीय निकाय
राज्य शासन ने यह तय किया है कि 2018 तक नया रायपुर का विस्तार एनआरडीए ही करेगा। इसके बाद 2018 से 2022 के बीच यहां अलग स्थानीय निकाय का गठन होगा। नए शहर के मेंटेनेंस व विस्तार की पूरी जिम्मेदारी उसके पास आ जाएगी।
नया रायपुर के काफी बड़े इलाके में निर्माण हो चुका है। सड़कों का विस्तार हो चुका है। निजी हाथों में रखरखाव इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि विकास के साथ मेंटेनेंस भी करना मुश्किल है। जब तक स्थानीय निकाय नहीं बन जाता तब तक प्राइवेट कंपनी ही मेंटेनेंस करेगी।
एसएस बजाज, सीईओ नया रायपुर विकास प्राधिकरण






