मुठभेड़ के हंगामे से प्रश्नकाल चलने के आसार नहीं
रायपुर. गुरुवार से प्रारंभ हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस विधायक पहले दिन ही जोरदार हंगामा करेंगे। बासागुड़ा के कथित फर्जी मुठभेड़ को लेकर कांग्रेस विधायक स्थगन प्रस्ताव लाएंगे। वे चाहेंगे कि प्रश्नकाल रोककर इस मामले में चर्चा कराई जाए। कांग्रेस विधायक प्रश्नकाल भी नहीं चलने देंगे। सत्र के पहले दिन की कार्यवाही शुरू होने पर पूर्व विधायक लम्बोदर बलियार के निधन का उल्लेख किया जाएगा। उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित की जाएगी। उसके बाद नियमित रूप से प्रश्नकाल लिया जाएगा।
कांग्रेस विधायक कार्यवाही प्रारंभ होते ही मुठभेड़ के स्थगन का मामला उठाएंगे। वे चाहेंगे कि प्रश्नकाल रोककर इस मुद्दे पर चर्चा कराई जाए। वैसे आमतौर पर स्थगन प्रस्ताव प्रश्नकाल के बाद लिया जाता है लेकिन कांग्रेस विधायक इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए तत्काल चर्चा कराने के लिए अड़े रहेंगे। सरकार की ओर से कहा जा सकता है कि इस मामले की न्यायिक जांच की घोषणा की जा चुकी है। इसलिए इस पर चर्चा कराना संभव नहीं होगा। पर कांग्रेस विधायक इस बात पर जोर दे सकते हैं कि अभी केवल न्यायिक जांच की घोषणा हो पाई है। जांच शुरू नहीं हुई है। इसलिए वे चर्चा कराने की मांग करेंगे।
सत्ता पक्ष के विधायक भी कांग्रेस पर पलटवार की तैयारी में हैं। इसलिए दोनों ओर से आरोप-प्रत्यारोप होगा। हंगामा होने पर सदन की कार्यवाही चलना मुश्किल नजर आ रहा है। ऐसा लग रहा है कि विधानसभा सत्र का पहला दिन ही हंगामे की भेंट चढ़ जाएगा।
आज कैबिनेट
राज्य कैबिनेट की बैठक गुरुवार को दोपहर को विधानसभा परिसर में होगी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह इसकी अध्यक्षता करेंगे। बैठक में विधानसभा के मानसून सत्र में पेश होने वाले संशोधन विधेयकों को मंजूरी दी जाएगी।
रणनीति बनाने को आज विधायक दल की बैठक नेता प्रतिपक्ष रविंद्र चौबे के निवास पर कल शाम कांग्रेस विधायकों की बैठक रखी गई है। इसमें सत्र के आगे की कार्यवाही को लेकर पार्टी की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। विधानसभा में मुद्दे उठाने के लिए विधायकों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी जाएगी।
भाजपा विधायक भी आज अपने पत्ते खोलेंगे कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने के लिए भाजपा विधायकों की बैठक गुरुवार को होगी। कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने के लिए एक-एक विधायकों की जिम्मेदारी की जाएगी। सत्ता पक्ष से विधायकों को निर्देश दिए जाएंगे कि आरोपों का जवाब उसी अंदाज में दिए जाएं।






