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नियमों को ठेंगा दिखाकर बन रहा राज्य का पहला निजी मेडिकल कॉलेज

असगर खान | Jun 25, 2012, 05:08AM IST
 
 

रायपुर. राजधानी से लगभग 22 किलोमीटर दूर मंदिर हसौद से लगे गोढ़ी गांव में बन रहे राज्य के पहले निजी मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य में नियमों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है। 20 एकड़ में बन रहे इस मेडिकल कॉलेज का निर्माण कृषि भूमि पर धड़ल्ले से किया जा रहा है। कॉलेज और अस्पताल की बिल्डिंग का नक्शा पास कराए बिना ही बिल्डिंग तैयार कर दी गई है।

फिलहाल इस कॉलेज तक जाने के लिए आम रास्ता भी नहीं है। कॉलेज प्रबंधन ने शासकीय भूमि को ही बिना अनुमति के रोड में तब्दील कर दिया है। पूरी बिल्डिंग बन जाने के बाद अब सरकार से जमीन देने की मांग की गई है। कॉलेज और अस्पताल का संचालन करने वाली लॉर्ड बुद्धा एजुकेशन सोसायटी ने अस्पताल और कॉलेज के लिए कृषि भूमि का डायवर्सन तक नहीं कराया है।

बिना डायवर्सन के निर्माण कार्य होने की वजह से शासन को लाखों रुपए के राजस्व की हानि हो रही है। कृषि भूमि का उपयोग व्यावसायिक उपयोग में तब्दील न होने की वजह से इस कॉलेज की बिल्डिंग का नक्शा पास नहीं हो पाया है। इसके बावजूद समिति ने वहां बिल्डिंग के कई ब्लॉक तैयार कर लिए हैं। समिति की ओर से कॉलेज और अस्पताल बिल्डिंग का नक्शा पास करने के लिए नगर निवेश कार्यालय में आवेदन दिया गया है, लेकिन अब तक इस आवेदन को मंजूरी नहीं दी गई है।


बड़े नेताओं का वरदहस्त

बताया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज का संचालन करने वाली समिति के संबंध दिल्ली में बीजेपी के आला राजनेताओं से है। इस वजह से समिति के सदस्य बेखौफ होकर बिना डायवर्सन और नक्शा पास कराए बिल्डिंग का निर्माण करवा रहे हैं। जिला प्रशासन और नगर निवेश विभाग से नोटिस मिलने के बाद भी कृषि भूमि का उपयोग तक नहीं बदला गया। इतना ही नहीं कॉलेज से लगे तालाब के कुछ हिस्से को पत्थरों से पाटकर उसका उपयोग साइट में बिल्डिंग मटेरियल पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।


नोटिस के बाद भी निर्माण जारी

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के ज्वाइंट डायरेक्टर संदीप बागड़े ने बताया कि गोढ़ी गांव में बन रहे मेडिकल कॉलेज ने किसी भी तरह के निर्माण की अनुमति नहीं ली है। महीने भर पहले निर्माण स्थल पर फोटो खींचकर नोटिस दिया गया था। इस अवैध निर्माण को पूरी तरह से बंद करने के लिए कहा गया था। इस तरह के प्रकरणों में राजीनामे का भी प्रावधान है। बिल्डिंग बनाने वाली समिति को दोगुना जुर्माना लगाया जाएगा।
बिना अनुमति के निर्माण और उस पर डेवलपमेंट शुल्क। समिति ने वहां दोबारा काम शुरू किया है तो उसे तत्काल बंद करवाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मेडिकल कॉलेज का संचालन करने वाली समिति को नोटिस जारी कर पूछा गया है कि उन्होंने शासकीय घास और किसानों की निजी जमीन का उपयोग रास्ते के लिए कैसे कर लिया। उनकी इस अनियमितता के लिए धारा 248 (1) के तहत शासकीय भूमि से बेदखली के लिए नोटिस जारी किया गया है।
सौमिल रंजन चौबे, एसडीएम
 
 
 

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