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वोटिंग से पहले टटोले गए पार्षद, की गई खास अपील
भास्कर न्यूज
| Feb 10, 2013, 07:38AM IST

रायपुर। राजधानी के नगर निगम में भाजपा के सभापति संजय श्रीवास्तव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के पहले भाजपा पार्षदों में सेंधमारी के खतरे को देखते हुए भाजपा ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। 15 फरवरी को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होने वाली है।
भाजपा ने अपने सारे पार्षदों को आज प्रदेश कार्यालय में तलब किया। हर पार्षद से पार्टी नेताओं ने अलग-अलग बातचीत की। दोपहर एक बजे एकात्म परिसर में हुई बैठक में पार्षदों से स्पष्ट शब्दों में एकजुट होकर अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ वोट डालने को कहा गया।
भाजपा पार्षदों का रुख जानने शनिवार को भाजपा संगठन की दोपहर एक बजे एकात्म परिसर में लंबी बैठक हुई। प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह, संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, उद्योग मंत्री राजेश मूणत, नगरीय निकाय प्रभारी गौरीशंकर अग्रवाल, आरडीए अध्यक्ष सुनील सोनी ने पार्टी के एक-एक पार्षद के साथ अकेले में बातचीत की।
निगम में भाजपा और कांग्रेस के 30-30 पार्षद हैं। 10 पार्षद निर्दलीय हैं। अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए कांग्रेस को भाजपा के कुछ पार्षदों की जरूरत होती। कांग्रेस की तरफ से सेंधमारी कोशिश ने भाजपा नेताओं को बेचैन कर दिया है।
15 फरवरी को अविश्वास प्रस्ताव से पहले सुबह 11 बजे सभी पार्षदों को भाजपा दफ्तर में तलब किया गया है। पर्यवेक्षक अशोक शर्मा से कहा गया है कि वे सभी पार्षदों को एक साथ कलेक्टोरेट स्थित रेडक्रॉस दफ्तर में अपनी निगरानी में लाएं। हर पार्षद को संगठन के बड़े नेताओं के संपर्क में रहने को कहा गया है। भाजपा नेताओं व मंत्रियों ने सभापति संजय श्रीवास्तव और नेता प्रतिपक्ष सुभाष तिवारी से भी बात की।
सभापति ने भी मांगा साथ
सभापति संजय श्रीवास्तव ने बैठक में सभी पार्षदों से कहा कि अगर अनजाने में उनके किसी कृत्य की वजह से ठेस पहुंची हो, तो वे खेद व्यक्त करते हैं। सभापति ने कहा कि वे बचे हुए वर्षो में व्यवस्थित ढंग से चलाएंगे।
संगठन के नेताओं के साथ ही मंत्रियों से विचार-विमर्श के बाद सभापति से कहा गया था कि वे सभी पार्षदों के सामने अपनी बात रखें। अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सामान्य सभा में नेता प्रतिपक्ष सुभाष तिवारी और उपनेता प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने विरोध क्यों नहीं किया।
इस बात पर संगठन के नेताओं ने लंबी चर्चा की। नेता प्रतिपक्ष से पूछा गया कि उस दौरान भाजपा पार्षद दल चुप्पी साधकर क्यों बैठा रहा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इसका खंडन किया।






