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पंडरी स्टेट बैंक में चोर ने लगाई सेंध
bhaskar news | Jun 26, 2012, 07:02AM IST

फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट ने बैंक के भीतर और दरवाजे के ताले पर हाथों के निशान के नमूने लिए। जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट में यही बात सामने आ रही है कि सेंधमारी में एक ही व्यक्ति शामिल था। पुलिस के मुताबिक घटना करीब दो बजे की है। छत की तरफ एक लोहे के दरवाजे में हाथ डालकर आरोपी ने पहले ताला तोड़ा। अंदर घुसने के बाद चोर ने फॉल्स सीलिंग तोड़कर दफ्तर की तरफ प्रवेश किया। उसने बैंक के स्टाफ की टेबल, दफ्तर और केबिन की तमाम दराजों को खोलकर टटोला। उसने कुछ लॉकरों को भी खोलने की कोशिश की, लेकिन उनमें पैसे नहीं थे।
स्ट्रांग रूम की ओर भी उसने जाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने ताला तोड़ने का प्रयास नहीं किया। आरोपी की लाइव चल रहे कैमरे पर नजर नहीं पड़ी। उसकी सारी गतिविधि कैमरे में रिकार्ड होती रहीं। तकरीबन आधे घंटे के बाद वह जब पैसे निकालने में कामयाब नहीं हुआ, तो वह बाहर निकल आया। सुबह 10 बजे जब बैंक खोला गया, तो स्टाफ की नजर टूटे हुए ताले और खुले दरवाजे पर पड़ी। एक हिस्से की फॉल्स सीलिंग भी टूटी हुई मिली।
साफ-सफाई वालों ने बैंक प्रबंधन को इसकी सूचना दी। भीतर सारा कुछ अस्त-व्यस्त पड़ा था। प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और अफसरों ने जांच-पड़ताल की। क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक साइंस टीम भी घटनास्थल पहुंची और उन्होंने तफ्तीश कर आरोपी का पता लगाया। पुलिस का खोजी कुत्ता भी घटनास्थल से कुछ दूर जाकर रुक गया।
बैंक में हुई थी 26 लाख की डकैती :
पंडरी के इसी बैंक में 6 मार्च 2010 को बिहार के गिरोह ने बड़ी डकैती डाली थी। तकरीबन आठ आरोपियों ने बैंक के भीतर घुसकर पिस्टल की नोक पर 26 लाख रुपए लूट लिए थे। बैंक में इस घटना के बाद से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। रात में बैंक के बाहर आज भी कोई सुरक्षा गार्ड नहीं रहता। अगर कोई सुरक्षा गार्ड तैनात रहता, तो शायद उसे सेंधमारी का उसे पता चल जाता। पुलिस ने कई बार सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए बैंक को नोटिस भी भेजी है। बावजूद उसके बैंक प्रबंधन सुरक्षा पर ध्यान नहीं दे रहा।
सेंसर अलार्म क्यों नहीं लगाया?
देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक और करोड़ों रुपए का ट्रांजक्शन करने वाली पंडरी शाखा में डकैती के बावजूद सेंसर अलार्म नहीं लगाया गया। पंडरी ब्रांच में लोहे के दरवाजे का ताला तोड़ दिया गया। फॉल्स सीलिंग को भी फोड़कर आरोपी भीतर घुस आया। उसने तमाम दराज और केबिन भी खोले, लेकिन अलार्म कहीं नहीं बजा। शहर के तमाम दूसरे बैंकों में सेंसर अलार्म लगा हुआ है, जहां जरा सी हरकत भी होने से इसकी खबर पुलिस को लग जाती है। वहां रात को सिक्योरिटी गार्ड भी होता है।







