राज्य में होंगे तीन रेल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
Source: dainik bhaskar news | Last Updated 03:28(09/02/12)
रायपुर. रेलमंत्री दिनेश त्रिवेदी ने छत्तीसगढ़ में तीन इंडस्ट्रियल रेल कॉरिडोर की परियोजना सैद्धांतिक रूप से मंजूर कर ली है। ये कॉरिडोर रायगढ़ माण्ड कोलफील्ड, अकलतरा-सूरजपुर और जयराम नगर -चिल्हाटी हैं। 40 हजार करोड़ रुपए की इस परियोजना से राज्य का विकास तो होगा ही, माल परिवहन से राजस्व में भी 40 प्रतिशत बढ़ोतरी होने की संभावना है।
रेलमंत्री ने रायपुर को मॉडल स्टेशन बनाने की भी सहमति दे दी है। रेलमंत्री ने यहां बुधवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, मंत्रियों, सांसदों और निजी तथा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के चेयरमैनों के साथ बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री व रेलवे चेयरमैन विनय मित्तल की मौजूदगी में संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि मुख्यमंत्री की रेल कॉरिडोर की योजना मंजूर कर ली गई। यह योजना देश में मॉडल होगी।
दो कॉरिडोर कोयला परिवहन के लिए: कोयला परिवहन के लिए दो कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। तेलाईपाली से रायगढ़ तक के कॉरिडोर निर्माण का काम एनटीपीसी करेगा। इस लाइन का विस्तार घरघोड़ा तक हो सकता है। गारे-पेलमा कोल ब्लॉक से संबंधित कंपनियों के लिए भी यह उपयोगी होगा।
रायगढ़ माण्ड कोल फील्ड कॉरिडोर खरसिया से घरघोड़ा होते हुए धरमजयगढ़ तक लाइन विस्तार का प्रस्ताव है। इसके बनने से एसईसीएल और निजी क्षेत्र की कंपनियों को माल परिवहन की सुविधा मिलेगी। इस रेल लाइन को कोरबा से जोड़ देने पर धरमजयगढ़, पत्थलगांव, जशपुर होते हुए झारखंड के लोहरदगा तक रेल सुविधा मिल जाएगी।
अकलतरा सूरजपुर कॉरिडोर के अंतर्गत पहली लाइन अकलतरा से मोरगा तक और दूसरी लाइन परसा से सूरजपुर तक प्रस्तावित है। इसे कटघोरा से जोड़ा जा सकता है। दोनों रेल लाइनें बनने पर मुंबई-हावड़ा लाइन और अनूपपुर अंबिकापुर लाइन कनेक्ट हो जाएंगी। जयराम नगर चिल्हाटी रेल कॉरिडोर बिलासपुर जिले के सीमेंट उद्योग के लिए उपयोगी होगा।
यह भी बोले रेलमंत्री
बस्तर की अधूरी व पाइपलाइन में पड़ी रेल परियोजनाओं को पूरा करेंगे। रावघाट परियोजना के तहत दल्लीराजहरा से जगदलपुर तक बन रही रेल लाइन को पूरा करने के लिए गृह मंत्रालय से सुरक्षा मुहैया कराने की बात करेंगे।
बस्तर के साथ होगा न्याय
रेलमंत्री ने कहा कि बस्तर जैसे पिछड़े इलाकों को न्याय दिलाएंगे। बस्तर संभाग अब जल्द ही रेल के नक्शे पर उभरेगा। उन्होंने राज्य सरकार से वादा किया है कि वे बस्तर को खास तवज्जो देंगे और इसे पूरे देश से जोड़ेंगे।
रेल चेयरमैन ने उपलब्धियां गिनवाईं
रेल चेयरमैन विनय मित्तल ने छत्तीसगढ़ को दी उपलब्धियां गिनवाते हुए कहा कि 1 अप्रैल 2003 को नया जोन अस्तित्व में आने के बाद 58 नई ट्रेनें, 48 गाड़ियों का एक्सटेंशन 18 नई एक्सप्रेस ट्रेनें दी हैं। उन्होंने बस्तर में रेल विकास के लिए केंद्र सरकार से सुरक्षा व 2-3 बटालियन और रायगढ़ में टर्मिनल बनाने की पुरानी योजना को मूर्तरूप देने के लिए कोशिश करने की बात भी कही।
रायपुर बनेगा मॉडल स्टेशन, जल्द ही रेलवे के नक्शे पर होगा बस्तर
आगे क्या
इंडस्ट्रियल रेल कॉरिडोर बनाने के लिए एक वर्किग ग्रुप बनाया गया है। इसके अध्यक्ष मुख्य सचिव सुनील कुमार बनाए गए हैं। गृह एवं परिवहन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। वर्किग ग्रुप 15 फरवरी तक अनुशंसाएं राज्य सरकार को देगा। रिपोर्ट रेल और वित्त मंत्रालय को भेजी जाएगी। करीब दस साल में तीनों कॉरिडोर बन जाएंगे।
राज्य में ही खर्च होगी आय
रेलमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का विकास होने से ही देश का विकास होगा। इसलिए यहां रेल का विकास जरूरी है। यहां से रेलवे को बहुत आय होती है। छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण है, इसलिए हमारा कर्तव्य है कि राज्य की आय का हिस्सा यहां की प्रगति पर खर्च करें।
सीएम की मांगें
नई ट्रेनों के लिए 39 और रेल लाइनों के लिए दिए 31 प्रस्ताव ञ्चट्रेनों के फेरे व स्टॉपेज बढ़ाएं ञ्चनए ओवर ब्रिज