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इस बजट में... 700 रुपए सस्ता होगा स्टील
भास्कर न्यूज | Feb 24, 2013, 08:12AM IST

रायपुर। आयरन इंडस्ट्रीज की काफी समय से लंबित मांगों पर इस बजट में खास ध्यान दिया गया है। कई महत्वपूर्ण मांगें मानी गई हैं। टीएमटी स्टील बार पर वैट को 5 से घटाकर 3 फीसदी कर दिया गया है। उद्योगपतियों की मानें तो घोषणाओं से सेक्टर को मजबूती तो मिलेगी ही उपभोक्ताओं को 1 अप्रैल से स्टील करीब 700 रुपये प्रति टन सस्ती मिलेगी।
लोहा कारोबारियों का कहना है कि बजट संतुलित है। बजट में बाहर से खरीदे जाने वाले आयरन ओर, पिग आयरन और स्टील स्क्रैप पर प्रवेश कर एक से घटाकर आधा फीसदी किया गया है। साथ ही उद्योगों में बतौर ईंधन उपयोग होने वाले लाइट डीजल ऑइल पर वैट 25 से घटाकर 14 फीसदी एवं फर्निश्ड ऑयल पर प्रवेश कर 10 से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।
छत्तीसगढ़ स्पांज आयरन मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल नचरानी के अनुसार वैट और एंट्री टैक्स के अलावा फर्नेस ऑयल और लाइट डीजल ऑयल में कमी से आयरन एवं स्टील उद्योग जगत को राहत मिलेगी। इससे स्टील निर्माण की लागत कम होगी। इसका फायदा सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं को मिलेगा। इससे स्टील के भाव में करीब 800 रुपये प्रति टन की कमी आएगी।
छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सुराना के अनुसार राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का असर छत्तीसगढ़ के घरेलू बाजार में दिखाई देगा। यहां स्टील दामों में करीब 350 रुपये की कमी होने का अनुमान है।
लेकिन बिजली की ऊंची दरों की वजह से अभी छत्तीसगढ़ की स्टील मिलों को दूसरे राज्यों की स्टील मिलों से प्रतिस्पर्धा करने में मुश्किल का सामना करना पड़ेगा।
इंडक्शन चूल्हे 180 से 450 रुपए तक सस्ते होंगे
बजट में इंडक्शन चूल्हा पर सरकार ने वैट का दर 14 से घटाकर 5 फीसदी कर दी है। बाजार में 1400 से 2100 वॉट के इंडक्शन चूल्हा हैं। इनकी अभी कीमत 2000 से 5000 रुपए है। वैट कम होने के बाद एक अप्रैल से यह 180 से लेकर 450 रुपए तक सस्ते हो जाएंगे। अब 2000 रुपए का चूल्हा 1820 रुपए में और 5 हजार का 4550 रुपए में मिलेगा। सबसे अधिक बिकने वाला 2000 वॉट के इंडक्शन चूल्हा को एक घंटा यूज करने पर एक यूनिट बिजली की खपत होती है। इसमें करीब तीन से पांच रुपए का खर्च आता है, जबकि एक घंटा गैस के उपयोग पर तकरीबन 9 रुपए का खर्च आता है। सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की संख्या करने और महंगे होने से इंडक्शन चूल्हा एक सशक्त विकल्प के रूप में उभरा है। बाजार में इसकी जबरदस्त मांग है। छत्तीसगढ़ में बिजली की दरें अन्य राज्यों से कम और उपलब्धता अधिक होने इसकी डिमांड बढ़ी है।
> मंदी के दौर में रमन सरकार द्वारा दी गई रियायतें स्टील सेक्टर को मजबूती प्रदान करेगी। बजट में स्टील सेक्टर की काफी मांगों को पूरा किया गया है। बजट संतुलित है। इससे कारोबार और आम आदमी दोनों को ही काफी लाभ मिलेगा।
-बजरंग अग्रवाल, डायरेक्टर, हीरा ग्रुप






