कलेक्टर की रिहाई के घंटेभर के भीतर बनी हाईपावर कमेटी

जगदलपुर/रायपुर. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन को नक्सलियों ने गुरुवार को छोड़ दिया।
वे 12 दिन से नक्सली कैद में थे। उन्हें 21 अप्रैल को मांझी पारा में सरकारी कार्यक्रम के बीच से अगवा कर लिया गया था। उस समय हुई गोलीबारी में मेनन के दो गार्ड भी मारे गए थे।
इस बीच समझौता शर्त के मुताबिक राज्य सरकार ने सरकारी मध्यस्थ निर्मला बुच की अध्यक्षता में रिव्यू कमेटी गठित कर दी है। देर शाम समिति की पहली बैठक भी हुई।
नक्सलियों ने मेनन को ताड़मेटला में डॉ. बीडी शर्मा और प्रो. जी हरगोपाल के हवाले किया। ये दोनों नक्सलियों की ओर से वार्ताकार थे। इससे पहले दोनों वार्ताकार हेलिकॉप्टर से चिंतलनार पहुंचे थे। वहां से ताड़मेटला के जंगल में दाखिल हुए।
मीडिया को ताड़मेटला में ही रोका
नक्सलियों ने मीडिया के लोगों को ताड़मेटला के पहले ही रोक दिया था। शाम सवा पांच बजे नक्सलियों ने मीडिया कर्मियों को जंगल के भीतर बुलाया। वहां पर कोई बड़ा नेता नहीं था। स्थानीय दलम के लोगों के साथ कलेक्टर और दोनों मध्यस्थ मौजूद थे। साथ में आदिवासी महासभा के अध्यक्ष मनीष कुंजाम भी थे।
तैनात थे हेलिकॉप्टर
जगदलपुर और चिंतलनार में कलेक्टर को लेने के लिए हेलिकॉप्टर तैनात थे। वहां से उन्हें रायपुर लेकर आना था। लेकिन जंगल से बाहर आने में कलेक्टर और वार्ताकारों को काफी समय लग गया। शाम होने पर चिंतलनार गया हेलिकॉप्टर लौट आया।
घंटेभर में हाईपावर कमेटी गठित
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने नक्सली मामलों पर विचार करने के लिए हाईपावर कमेटी के गठन का आदेश तत्काल जारी कर दिया है। सरकारी वार्ताकार निर्मला बुच कमेटी की अध्यक्ष होंगी। इसके साथ ही मुख्य सचिव सुनील कुमार और डीजीपी अनिल नवानी समिति के सदस्य हैं।
करार के मुताबिक कलेक्टर के रिहा होने के घंटेभर के भीतर हाईपावर कमेटी गठित करना था। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की पहल राष्ट्रीय स्तर पर भी होनी चाहिए। वार्ताकार प्रो. हरगोपाल और डॉ. बीडी शर्मा ने कहा है कि अब उनका काम खत्म हो चुका है। बाकी काम सरकार का है।
रात सीआरपीएफ कैंप में गुजारी
कलेक्टर को पहले दोपहर तक रिहा करने की बात हो रही थी। लेकिन उन्हें शाम को 5.30 से 6 बजे के बीच छोड़ा गया। रिहा होने के बाद दोनों वार्ताकार कलेक्टर को लेकर चिंतलनार पहुंचे। रात होने के कारण कलेक्टर और वार्ताकार चिंतलनार के सीआरपीएफ कैंप में ही रुक गए। शुक्रवार को वे लोग सुकमा के लिए रवाना होंगे।
गर्भवती पत्नी ने ली राहत की सांस
कलेक्टर की रिहाई की खबर फैलते ही सुकमा में खुशी का माहौल छा गया। सुकमा स्थित आवास के आसपास लोग जमा हो गए तथा मिठाइयां बांटी गई। जश्न के माहौल के बीच आतिशबाजी की गई। कलेक्टर की गर्भवती पत्नी ने कहा कि पति की रिहाई से वह बेहद खुश हैं। अब मैं राहत की सांस ले सकती हूं।
सुकमा में काम करने की चाह
मैं ठीक हूं, लेकिन थोड़ा थक गया हूं। आगे अगर सरकार का फैसला होगा तो वे सुकमा में आगे भी काम करना चाहेंगे।’ -एलेक्स पाल मेनन, रिहाई के बाद (सुकमा में काम करने के सवाल पर)
पिता बोले: मेनन का पुनर्जन्म
तमिलनाडु में तिरुनेलवेली के रहने वाले कलेक्टर मेनन के पिता ए वर्धास ने बेटे को रिहाई पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यह उनके पुत्र का पुनर्जन्म है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार, मध्यस्थों और नक्सलियों के प्रति आभार जताया है। साथ ही नक्सलियों से आग्रह किया कि वे फिर अपहरण जैसी घटनाओं को अंजाम न दें।
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