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समझदारी या बेवकूफी: बिना ब्रेक के सराईपाली से रायपुर ले आया बस
भास्कर न्यूज | Jan 26, 2013, 05:35AM IST
रायपुर। सराईपाली-रायपुर के बीच चलने वाली जीत ट्रैवल्स के बस ड्राइवर कन्हैयालाल साहू ने गुरुवार रात दो दर्जन से ज्यादा यात्रियों की जान खतरे में डाल दी। बस में ब्रेक नहीं था। इसके बावजूद ड्राइवर धीरे-धीरे गाड़ी को रायपुर ले आया। यात्रियों ने तेलीबांधा थाने के सामने गाड़ी जबरदस्ती रुकवाई और हंगामा किया। पुलिस ने ड्राइवर को लॉकअप में बंद करने के बाद गाड़ी जब्त कर ली।
ड्राइवर के खिलाफ मानव जीवन को खतरे में डालने और मशीनरी का दुरुपयोग करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। पुलिस के अधिकारी भी गाड़ी के ब्रेक की हकीकत जांच करने के बाद हैरत में पड़ गई। गाड़ी के ब्रेक में इतना भी जोर नहीं था कि वह जरूरत पड़ने पर रफ्तार को भी काबू कर पाए।
यात्रियों ने बताया कि बस का ड्राइवर फस्र्ट गेयर में ही गाड़ी को चलाकर यहां तक ले जाया। बस रात तकरीबन 7.30 बजे सराईपाली से छूटी। 15-20 किलोमीटर चलने के बाद यात्रियों को आभास हुआ कि बस में ब्रेक ही नहीं है। उन्होंने विरोध किया। पर ड्राइवर रास्ते भर यही समझाया रहा कि तकनीकी कारण से ब्रेक नहीं लग रहा है।
राजधानी पहुंचते-पहुंचते यात्रियों को पक्का यकीन हो गया कि ड्राइवर उनके साथ झूठ बोल रहा है। तेलीबांधा थाने में देखकर उन्होंने हंगामा कर बस रुकवाई और थाने में शिकायत की।
बाप रे..ऐसे रोकी रास्ते में बस
रास्ते में कुछ स्थानों पर ड्राइवर ने गाड़ी रोकी। बस जहां रोकनी रहती थी, उसके कुछ देर पहले बस का ड्राइवर एक्सीलेटर को छोड़ देता था। गाड़ी धीमे होने पर खलासी हाथ में लकड़ी का मोटा का टुकड़ा लेकर धीरे-धीरे चल रही बस से कूद जाता था। ढुलकती गाड़ी के साथ दौड़ते-दौड़ते वह मौका देखकर चक्के के आगे लकड़ी के टुकड़े को रख दिया करता था।
लकड़ी के टुकड़े के कारण पहले से धीमी हो चुकी बस झटके से रुक जाती थी। इसी तरह से वे रास्ते भर बस को रोक रहे थे। इन्हीं हरकतों को देखकर यात्रियों को ब्रेक नहीं होने का संदेह हुआ।







