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महिला सिपाही से हुआ था दुष्कर्म, 20 थे गवाह फिर छूट गए आरोपी

भास्कर न्यूज | Feb 20, 2013, 07:10AM IST
 
 

रायपुर। भाटागांव में महिला सिपाही से दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले के आरोपी अदालत से छूट गए। जिस मामले में 17 पुलिसवाले गवाह थे उसमें पुलिस सबूत पेश नहीं कर सकी। उसके गवाहों के अलग अलग बयानों के कारण आरोपियों पर दोष साबित नहीं हो सका। 
 
पुरानी बस्ती भाटागांव के सुनसान इलाके में महिला सिपाही से सामूहिक दुष्कर्म करने वाले आरोपी सबूतों के अभाव में बरी हो गए। पुलिस की थ्योरी और गवाहों का बयान न्यायालय में टिक नहीं सका। पुलिस साबित करने में नाकाम रही कि महिला आरक्षक के साथ आरोपियों ने दुष्कर्म किया है। विशेष सत्र न्यायाधीश ने संदेह का लाभ देते हुए दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
 
महिला सिपाही 27 मई 2012 की रात भाटागांव इलाके में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई थी। घटना की रिपोर्ट अगले दिन करवाई गई। महिला सिपाही से दुष्कर्म होने की घटना उजागर होने से पुलिस महकमे में खलबली मच गई।
 
अफसरों ने आरोपियों को पकड़ने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। आनन-फानन में भाटागांव इलाके रहने वाले राम नारायण सोनकर और राकेश सोनकर को गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ धारा दुष्कर्म और एसटीएससी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। नौ महीने के भीतर ही इस चर्चित केस का फैसला सुनाया गया।
 
आरोपी पक्ष के वकील बृजेश पांडे ने बताया कि कोर्ट में पुलिस की ओर से जितने दलीलें और सबूत पेश की वे साबित नहीं हो पाए। आरोपियों के खिलाफ 20 गवाह पेश किया गया। इसमें 17 पुलिस कर्मी थे।
 
आरोपियों को नहीं पहचाना
 
कोर्ट में महिला और उसका दोस्त आरोपियों को पहचान नहीं सके। वकील श्री पांडे का कहना है कि पहचान कार्रवाई में दुष्कर्म करने वाले वही हैं, यह भी साबित नहीं हो सका। फारेंसिक रिपोर्ट भी पीड़िता के पक्ष में नहीं थी। 
 
मेडिकल ग्राउंड मजबूत नहीं होने के कारण ही आरोप सिद्ध नहीं हो सका। इतना ही नहीं पुलिस की ओर से प्रस्तुत 20 गवाहों के बयानों में एकरूपता नहीं थी। इस वजह से आरोपियों को संदेह का लाभ मिल गया।
 
पांच आरोपियों को पकड़ा था पुलिस ने
 
पुलिस ने पांच आरोपियों को पकड़ा था। उनमें से दो पर बलात्कार करने का जुर्म दर्ज किया गया। बाकी के तीनों पर डकैती की योजना बनाने का आरोप लगाया गया। उनसे हथियार भी बरामद होने का दावा किया गया था।
 
पुलिस अधिकारियों ने दावा किया था कि आरोपी लूटपाट की नीयत से झाड़ियों में छिपे थे। उन्होंने महिला आरक्षक और उसके दोस्त को घेर लिया। उन्होंने मारपीट कर आरक्षक के दोस्त को भगा दिया। बाद में दो आरोपियों ने दुष्कर्म किया।
 
क्या था पूरा मामला
 
भाटागांव के आउटर में 27 मई की शाम महिला सिपाही और उसका साथी घूमने गए थे। उन्हें दो बदमाशों ने घेर लिया। उनके हाथों में लाठियां थी। उन्होंने महिला सिपाही के दोस्त की पिटाई की और उसे भागने पर मजबूर कर दिया। उसके बाद आरोपियों ने महिला के साथ खेत में दुष्कर्म किया।
 
महिला किसी तरह उनके चंगुल से छूटी लेकिन पूरी रात वह जंगल में झाड़ियों में छिपकर बैठी रही। महिला का दोस्त पुलिस की टीम के साथ घटनास्थल पहुंचा लेकिन वे महिला आरक्षक को तलाश नहीं कर सके।

 

 

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