रायपुर/दलोट। दलोटवासी निस्वार्थ भाव से मूक प्राणियों की सेवा में जुटे हैं। कस्बे के दो युवक रोजाना पूरे गांव से रोटियां एकत्रित कर गौशाला पहुंच गायों को खिलाते है। युवकों की इस सेवा में कस्बे के लोग भी सहयोग दे रहे हैं।
गौ सेवा मातृ सेवा जितनी ही पुण्यशाली होती है तथा इसी बात का अनुसरण करते हुए पिछले दो साल से दलोट निवासी मोहन कुमावत और रामपाल गौसर इस सेवा में जुटे है। दैनिक दिनचर्या में से दो घंटे का समय निकाल कर मोहन कुमावत व रामपाल प्रतिदिन घर, घर जाकर गाय के लिए रोटियां एकत्रित करते हैं। जिसके बाद रोटियों को बोरे में भर कर इसे सालमगढ़ रोड स्थित गौशाला पहुंचाया जाता है। प्रतिदिन गौशाला में गायों को डेढ़ क्विटंल रोटियां खिलाई जाती है।
सालमगढ़ रोड स्थित रामस्नेही संप्रदाय रामद्वारा के निकट करीब 5 बीघा जमीन पर इस गौशाला का निर्माण संत शंभूराम महाराज ने 11 मई 2009 को करवाया था। गौशाला निर्माण के बाद से ही मोहनलाल व रामपाल ने गायों के लिए रोटिया एकत्रित करने का कार्य शुरू कर दिया था। सात हजार की आबादी वाले इस कस्बे में करीब दो हजार घरों से रोजाना गायों के लिए एक से डेढ़ क्विंटल रोटियां एकत्रित की जाती है। इसके अलावा कस्बे के कई परिवार के लोग भी गौशाला में गायों की सेवा में जुटे है।
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