एलजी ने कहा-हथियार लेकर चलो, महिलाओं के पास पहले ही पिस्तौल

नई दिल्ली। दिल्ली में जिन लोगो के पास हथियारों के लाइसेंस है वे लोग महिलाओं की सुरक्षा के लिए रात को सड़कों पर निकलें। उपराज्यपाल तेजेंद्र खन्ना ने चुनाव कार्यालय में नेशनल वोटर डे 2013 पर पुरस्कार वितरण समारोह में व्यक्त किए। उपराज्यपाल ने दिल्ली में महिलाओं के साथ घटने वाले अपराधों का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों पर रोक लगाने के लिए दिल्ली के नागरिकों को जागरूक होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिन लोगो के पास हथियारों के लाइसेंस हैं वे लोग उन स्थानों पर रात को खड़े हों जहां अंधेरा होता है। अगर वहां पर कोई असामाजिक तत्व किसी मां, बहन के साथ गलत हरकत करता है तो हथियार के बल पर अपराधियों पर काबू करके आसपास के लोगो की सहायता से पुलिस के हवाले करें। मालूम हो कि दिसंबर महीने में वसंत विहार इलाके में बलात्कार के दिल दहला देने वाले हादसे के बाद महिलाओं ने भी हथियार रखना शुरू कर दिया है। दिल्ली लाइसेंसिंग के दफ्तर कई महिलाओं ने हथियार के लिए अर्जी लगाई है। शिक्षा और चिकित्सा जैसे पेशों से जुडी़ कई महिलाएं अपने पर्स में हथियार लेकर चल रही हैं। दिल्ली में अभी तक 277 महिलाओं को हथियार का लाइसेंस दिया गया है।
आधी-अधूरी योजना खतरनाक साबित हो सकती है : विजेंद्र गुप्ता
दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि एलजी का यह बयान खतरनाक हो सकता है। लोग हथियारों का लाइसेंस सेल्फ डिफेंस कहकर भले ही लेते हों लेकिन 60 फीसदी लोगों का मकसद इसके जरिए इलाके में दबंगई कायम करना होता है। ऐसे लोग हथियार के बल पर रक्षा के बजाए खुद ही किसी महिला से बदसलूकी न कर दें।
या किसी पर गोली चलाकर निपटा दें तो यह आदेश महंगा साबित हो सकता है। उन्होंने कहा है कि इस तरह के निर्णय को लागू करने से पहले पूरी योजना तैयार करना आवश्यक है।







