नई दिल्ली. दिल्ली विश्व पुस्तक मेला इस साल प्रगति मैदान में 25 फरवरी से शुरू होगा। मेले में विदेशी प्रकाशकों की तादात में जबरदस्त इजाफे की उम्मीद की जा रही है। आयोजकों का कहना है कि इस साल करीब 40 देशों के प्रकाशक अपनी बेहतरीन किताबों के साथ हिस्सा लेंगे। इस साल ऑनलाइन किताबों की बिक्री करने की भी योजना पर काम किया जा रहा है। यदि ऐसा होता है तो मेले मंे दिनभर घूमने के बाद लोग तसल्ली से घर जाकर किताबों को ऑनलाइन मंगवा सकेंगे।
इस साल मेले की ब्रांडिंग पर खास जोर दिया जा रहा है। इसमें मेले के बाहरी स्वरूप और सजावट से लेकर तकनीक का प्रयोग और भारी संख्या में आमंत्रित विदेशी प्रकाशकों की संख्या खास है। प्रकाशक ऑनलाइन किताबों की खरीदारी की सुविधा दे सकें, इसके लिए लिए आयोजक गूगल सहित कई माध्यमों से लगातार संपर्क में हैं।
मुख्य आयोजक नेशनल बुक ट्रस्ट के चेयरमैन एमए सिकंदर ने बताया कि इस वर्ष 40 से ज्यादा देशों के आने की पुख्ता जानकारी है। हम यह संख्या बढ़ाकर साठ तक करना चाहते थे, पर समय के अभाव में ऐसा नहीं हो सका। इस वर्ष कुल 2400 स्टॉल लगाए जाएंगे, जिसमें 70 विदेशी स्टॉल होंगे। इसके अलावा विदेशी प्रकाशकों के प्रतिनिधिमंडलों को भी आमंत्रित किया गया है।
जो व्यापारिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होगा। ऑनलाइन व्यवस्था के तहत लोग विदेशों से भी किताबें मंगवा सकेंगे। भारतीय सिनेमा के सौ साल पूरे होने पर मेले की थीम ‘साहित्य और सिनेमा’ है। इस वजह से यहां के तीन पवेलियन को खास रूप से पुराने क्लासिक फिल्मों पर आधारित किताबों और पोस्टरों से सजाया जाएगा। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्लासिक फिल्मों की मुफ्त स्क्रीनिंग होगी। मेले के टिकट काउंटर को बॉक्स ऑफिस की तरह सजाया जाएगा।