बच्चों तक ने माना नहीं है फर्क, फिर किसके लिए चल रही है जंग!
Source: Dainik Bhaskar News | Last Updated 02:01(10/02/12)
नई दिल्ली. भारत-पाकिस्तान के बीच दोस्ती को बढ़ावा देने के लिए सरहद पार से आए नन्हे फरिश्तों ने माना कि दोनों देशों में बस नाम का फर्क है, हमारी संस्कृति और मूल्य एक जैसे हैं। एक्सचेंज फॉर चेंज कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान से आए दस से चौदह साल के बच्चों ने गुरुवार को सेंट पॉल स्कूल का दौरा किया और यहां के स्कूली बच्चों के साथ मौज मस्ती की। इस दौरान उन्होंने भारतीय स्कूलों के माहौल को अनुभव करने के लिए स्कूल असेंबली में हिस्सा लिया।
रूट्स टू रूट्स और सिटीजंस आर्काइव ऑफ पाकिस्तान के प्रयास से आयोजित कार्यक्रम में पाकिस्तानी बच्चों को संस्कृति स्कूल और बीआर मेहता स्कूल सहित स्थानीय बाजार, मॉल, इंडिया गेट, लालकिला, लोटस टेम्पल और आगरा का ताजमहल सहित अक्षरधाम, शीशगंज गुरुद्वारा व जामा मस्जिद घुमाया गया।
पाकिस्तान सिटी स्कूल के छात्र हसन अली ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यहां आकर महसूस हुआ कि दोनों देशों में कोई फर्क नहीं है। अंतर है तो सीमा रेखा का। सिटी स्कूल की ही फैजिया ने कहा कि अब हमें आपसी मनमुटाव और लड़ाइयां छोड़कर दुनिया में अमन कायम करने की अपनी जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में हमने अपने दादा-दादी के अनुभवों को रिकॉर्ड किया और भारत के अपने दोस्तों को भेजा। इसी प्रकार भारतीय छात्रों ने भी अपने दादा-दादी के अनुभवों को रिकॉर्ड कर हमें भेजा। यह एक शानदार अनुभव था क्योंकि इससे हमारे बीच की भ्रांतियां दूर हुईं।
गल्र्स स्कूल लाहौर की छठी कक्षा की आहना ने कहा कि भारत में पाकिस्तान के लोगों के बारे में सकारात्मक प्रतिक्रिया से हम काफी प्रभावित हैं। सेंट पॉल स्कूल के प्राचार्य रिशेल थॉमस ने कहा कि दोनों देशों के बीच प्रेम और दोस्ती की नींव रखने के लिए आयोजित किया गया यह कार्यक्रम काफी महत्वपूर्ण है।
वहीं सिटी स्कूल कराची की उप प्राचार्य फौजिया टपल ने कहा कि दोनों देशों की चुनौतियां एक जैसी हैं। हम आपसे सीखें और आप हमसे सीखें और मिलजुल कर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि हम आगे भी इस तरह के शैक्षणिक व सांस्कृतिक आदान-प्रदान के कार्यक्रम को जारी रखेंगे।