कड़े फैसले के 4 बड़े किरदार
1. सोनिया गांधी ने मंजूरी दी :
सोनिया गांधी ने 13 दिसंबर 2012 को गृहमंत्री से अफजल पर अपडेट मांगा था। उन्हें तेजी से मामला निपटाने को कहा था।
जयपुर चिंतन शिविर के बाद ही भाजपा के हाथ से हर वो मुद्दा छीनने की रणनीति बनी जो चुनाव में नुकसान पहुंचा सकती थी।
शुक्रवार को कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक में सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह से चर्चा के बाद शिंदे को हरी झंडी दे दी गई।