2. सुशीलकुमार शिंदे ने तेजी दिखाई :
21 जनवरी को गृहमंत्री ने अफजल पर राष्ट्रपति द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब भेजे।
3 फरवरी को राष्ट्रपति भवन से दया याचिका खारिज होने की सूचना गृहमंत्रालय को मिल गई।
गृहमंत्री ने फौरन प्रधानमंत्री को जानकारी दी। 8 फरवरी को कांग्रेस कोर ग्रुप ने फैसले का सम्मान करने को कहा।
शिंदे ने उमर अब्दुल्ला और जेल प्रशासन को सूचना भेजी। शाम को फांसी की तारीख और समय तय कर लिया गया।
रात 8 बजे जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री को सूचना दी और 1 फरवरी को तिहाड़ के बैरक नंबर 3 में 8 बजे फांसी दे दी गई।