3. प्रणब मुखर्जी ने मुहर लगाई :
प्रणब ने दया याचिका की फाइलें निपटाने में तेजी दिखाई। कसाब की फाइल 1 महीने, जबकि अफजल की फाइल उन्होंने 12 दिन में निपटाई।
आतंकवाद से जुड़े दो हाई प्रोफाइल दया याचिका ठुकराकर प्रणब ने पूर्ववर्ती राष्ट्रपति की परंपरा तोड़ दी।
इससे पहले प्रतिभा पाटील ने 5 साल के कार्यकाल में 35 फांसी की सजा माफ कर दी थी।