अरुणा, खुशबू और गीतिका के नाम से कांडा ने बनाई थी कंपनी

नई दिल्ली। गीतिका केस में हर दिन एक के बाद एक कई खुलासे हो रहे हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा ने अरुणा, खुशबू और गीतिका के नाम ज्वाइंट नाम से एकेजी कंपनी बनाई थी। वर्ष 2012 में बनाई गर्इ ऐकेजी इंफ्राबिल्ड प्रा. लि. में अरुणा चड्ढा, गीतिका शर्मा, खुशबू शर्मा डायरेक्टर बनाया गया। इस कंपनी में गोपाल कांडा पदाधिकारी नहीं है।
इतना ही नहीं, कांडा ने अपनी 39 कंपनियों में 20 महिलाओं को डायरेक्टर के पद तक पहुंचाया। 2002 में वजूद में आई कांडा की सबसे पहली कंपनी एलकेजी बिल्डर्स प्राइवेट लि. में केवल गोपाल कांडा और उनके भाई ही डायरेक्टर थे। ये महिलाएं भले ही उनकी रिश्तेदार, जानकार या दोस्त रही हों, लेकिन कांडा ने 38 कंपनियों में 17 महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया।
कोर्ट के सामने अभियोजन पक्ष ने बताया कि अरुणा अपने पिता के साथ मिलकर अरोमा फूड्स नामक एक कंपनी चलाती थीं। इस कंपनी का नाम मार्च 2012 में बदलकर एकेजी रख दिया गया। एकेजी का मतलब अरुणा, खुशबू और गीतिका था। वहीं, बचाव पक्ष ने अभियोजन पक्ष की दलीलों पर आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि अरुणा की ज्वाइनिंग की तिथि का इस केस से कोई खास संबंध नहीं है। अरुणा अपनी कंपनी में कोऑर्डिनेटर के पद पर कार्यरत थी। उसका उच्च प्रबंधन द्वारा लिए गए निर्णयों में कोई हस्तक्षेप नहीं होता था। अरुणा सिर्फ संदेशों के आदान-प्रदान और समन्वय का कार्य देखती थी। अरोमा फूड्स का नाम बदलकर एकेजी करने का कोई कांडा से कोई संबंध नहीं है। यह कंपनी तीन महिलाओं की आपसी सहमति से तैयार की गई थी। घटना से ढाई महीने पहले एमडीएलआर एयरलाइंस की ओर से गीतिका को एमबीए की बढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की गई थी।









