एक मौत ने दी चार लोगों को नई जिंदगी और 25 के जीवन में आई बहार!

नई दिल्ली. सड़क हादसे में अपनी जान गंवा चुके 22 वर्षीय अनमोल किसी न किसी रूप में इस संसार में मौजूद रहेंगे। यह प्रयास किया है कि अनमोल के माता-पिता ने।
दरअसल उन्होंने अपने बेटे की मौत के बाद उसके अंग को अस्पताल में दान कर दिया जिससे चार लोगों को नई जिंदगी मिली और करीब 25 लोगों की जिंदगी में किसी न किसी रूप में सुधार हुआ है।
ट्रॉमा सेंटर में आए इस माता-पिता के विषय में ट्रॉमा सेंटर के प्रमुख डॉ. एमसी मिश्रा ने कहा कि यह पहली बार हुआ जब मृतक के परिजन की तरफ से अंगदान करने की बात आई है। उन्होंने कहा कि आज ऐसे ही लोगों की जरूरत है जो अंगदान की जरूरत को समझें और किसी जरूरतमंद मरीज को एक सुखद और नई जिंदगी दें।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि सोमवार को अनमोल की सर्जरी के बाद मंगलवार को दो मरीज को किडनी और लीवर दी गई और प्रत्यारोपण किया गया।
अनमोल के चाचा देवेंद्र कुमार जुनेजा ने बताया कि अनमोल की आकस्मिक निधन से परिवार पर जैसे पहाड़ टूट गया। लेकिन हम किसी भी कीमत पर अनमोल को जीवित देखना चाहते थे।
ऐसे में हम सभी परिवार वालों ने मिलकर यह निर्णय लिया है कि अनमोल का अंगदान कर हम उसे फिर से जिंदा और उसे चलता-फिरता देख सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह निर्णय आसान नहीं था, लेकिन हमने इस गंभीर दर्द से निकलकर यह निर्णय लिया और आखिरकार अंगदान का फैसला लिया।
उन्होंने बताया कि पहले अपने भाइयों और फिर डॉक्टर से बात की, जिसे सभी ने एक सही निर्णय बताया। इसके बाद अंत में अनमोल की मां उमा देवी भी इस बात पर तैयार हो गईं कि उनका बच्चा किसी और की जिंदगी के माध्यम से फिर से उनके सामने जीवित दिखेगा।
अनमोल के पिता ने कहा कि हम अनमोल को किसी भी तरह बस जिंदा देखना चाहते थे और इससे बेहतर कोई दूसरा कदम नहीं हो सकता था।
कैसे हई थी मौत :
अनमोल के चाचा ने बताया कि सात दिसंबर को मधु विहार के पास बाइक से जा रहा था, तभी सड़क हादसे का शिकार हो गया। हादसे में उसके सिर पर गंभीर चोट आई थी।
वह रोज ही हेलमेट पहनता था लेकिन उस दिन ही वह बिना हेलमेट के बाइक चला रहा था। उसे निजी अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन तीन दिन की इलाज के बाद भी उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया।






