नई दिल्ली। 16 दिसंबर की रात दिल्ली में हुई गैंगरेप की घटना के बाद पूरे देश में एंटी-रेप लॉ में बदलाव और बलात्कारियों को फांसी दिए जाने की मांग की जा रही है।
बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए सरकार ने मौजूदा कानूनों में बदलाव और नए प्रावधानों पर विचार के लिए जस्टिस जे एस वर्मा और उषा मेहता समितियों का गठन किया है।
इसके अलावा सरकारी अस्पतालों और चिकित्सा केन्द्रों द्वारा बलात्कार की पुष्टि के लिए किये जाने वाले महत्वपूर्ण चिकित्सा परीक्षणों पर भी सरकार की नजर है।
हालांकि, यौन उत्पीड़न और बलात्कार के मामले में चिकित्सीय परीक्षण के संबंध में मौजूदा कानून में भी स्पष्ट प्रावधान किये गए हैं।
इस कानून में बलात्कार पीड़िता के मेडिकल परीक्षण के सम्बन्ध में एक उचित तंत्र और परीक्षण सूची (चेकलिस्ट) का प्रावधान किया गया है जिसका पालन मेडिकल परीक्षा के दौरान किया जाना आवश्यक है।