गंभीर बीमारी का कारण बन सकते हैं मोबाइल टॉवर

नई दिल्ली। मोबाइल टावरों और मोबाइल से निकलने वाले चुंबकीय तरंगें आपके लिए गंभीर बीमारी का कारण बन सकती हैं। इसके कारण कैंसर, हृदय रोग,थायरायड, मस्तिष्क व सांस जैसी कई बीमारियां आपको चपेट में ले सकते हैं।
खास बात यह है कि इन टावरों को लगाने में यदि तय मानकों जैसे ऊंचाई, आबादी से दूरी, स्थान आदि का पालन न हुआ हो तो यह खतरा और बढ़ जाता है।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. वीएम कटोच ने ‘भास्कर’ को बताया कि दिल्ली में मोबाइल टावरों और मोबाइल से निकलने वाले रेडिएशन के प्रभाव के बारे अध्ययन किया जा रहा है।
विभिन्न तरह के आंकड़े एकत्रित किए जा रहे हैं। अगले दो से तीन साल के भीतर इसके स्पष्ट नतीजे सामने आने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मोबाइल टॉवर लगाने के लिए ऊंचाई, आबादी से दूरी जैसे मानक तय किए हैं।
इन मानकों को सभी देशों में लागू करने के लिए बातचीत चल रही है। गौरतलब है कि दिल्ली में लगे मोबाइल टॉवरों में से करीब आधे अवैध हैं। इनमें से कई को लगाने में तय मानकों का पालन नहीं किया गया है।
आईसीएमआर के डिवीजन ऑफ रीप्रोडक्टिव हेल्थ डिपार्टमेंट के एक अनुसंधानकर्ता ने बताया कि शुरुआती अध्ययन के मुताबिक टावर व मोबाइल से निकलने वाली तरंगों से स्पर्म काउंट में प्रभाव पड़ता है। रीप्रोडक्टिव शक्ति पर भी इनका दुष्प्रभाव होता है।
बहरहाल, इस बारे में अभी और अध्ययन की जरूरत है। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल ढल्ल ने भी माना कि रेडिएशन से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। बहरहाल, कितने समय तक इनके संपर्क में रहने से कितना असर पड़ता है, इस पर अभी और अध्ययन करने की जरूरत है। एम्स के एक वरिष्ठ डॉक्टर विदेशों में हुए अध्ययनों का हवाला देते हुए कहते हैं कि कम स्तर के रेडिएशन से भी सेल टिश्यू और डीएनए प्रभावित हो सकता है।
मोबाइल टावरों की संख्या का पता लगाया जाएगा। जो भी टावर अवैध रूप से लगे हैं, उन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एसएस यादव, कमिश्नर पूर्वी दिल्ली नगर निगम
जोन स्तर से अनधिकृत मोबाइल टावरों की जानकारी मांगी गई है। महक सिंह, पूर्वी दिल्ली स्थायी समिति के अध्यक्ष
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