नक्सल क्षेत्रों में केंद्र चलाएगा खेल प्रशिक्षण और रोजगार योजनाएं

नई दिल्ली. नक्सल प्रभावित क्षेत्र के नौजवानों को अब सरकार खेलों के प्रशिक्षण और रोजगार की जुगलबंदी के जरिए मुख्यधारा से जोड़ेगी। केंद्रीय युवा एवं खेल मंत्रालय ने युवाओं को बंदूक के साये से दूर रखने के लिए यह पहल की है।
केंद्र की एक खुफिया रिपोर्ट में बताया गया है कि नक्सली युवाओं में अपनी पैठ बढ़ा रहे हैं। सरकार युवाओं को खेल सुविधाएं और मनोरंजन के बेहतर साधन मुहैया कराएगी। उनके रोजगार की योजनाएं भी बनाई जा रही हैं।
अभी तक केंद्रीय श्रम मंत्रालय ही इन क्षेत्रों में रोजगार कार्यक्रम चलाता आ रहा है, लेकिन अब युवा एवं खेल मंत्रालय ने यहां करीब एक हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है।
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह के मुताबिक मंत्रालय ने सुदुर पूर्वोत्तर व कश्मीर समेत १२८३ युवाओं को सूचना प्रौद्योगिकी, पर्सनालिटी डेवलपमेंट, ग्रामीण रिटेल सेल्स एवं मार्केटिंग में ९० दिन का प्रशिक्षण प्रदान किया।
इस कार्यक्रम का सार्थक पक्ष यह रहा कि प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं में से ९४६ युवाओं को रोजगार के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मंत्रालय द्वारा कराए जा रहे इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में ७० फीसदी रोजगार की गारंटी दी जा रही है।
यही कारण है कि जम्मू-कश्मीर में आंतकवाद से जूझ रहे बडगाम जैसे जिले के ६० परिवारों के युवा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए हैं।
प्रशिक्षण व अन्य आवश्यकताओं के लिए भारत सरकार देश भर में फैले २० हजार स्वयं सेवी युवाओं की मदद भी ले रही।
स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में धीरे-धीरे खेल गतिविधियों के संवर्धन और संगठन को मजबूत किया जा रहा है। इनकी मदद से कई राज्यों में पंचायत स्तर पर युवा क्रीडा प्रतियोगिताएं करवाई जा रही हैं।






