हत्या के बाद देश के सबसे खतरनाक जेल के दरवाजे पर लटका देता सिर

नई दिल्ली. सीरियल किलिंग करने के बाद मृतकों के सिर को तिहाड़ जेल के गेट पर फेंकने वाले चंद्रकांत झा (47) को रोहिणी की सत्र अदालत ने दोषी करार दिया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कामिनी लॉ ने सजा सुनाने के लिए 2 फरवरी की तारीख मुकर्रर की है। अदालत ने चंद्रकांत को तीन युवकों की हत्या और सबूत मिटाने का दोषी करार दिया है। पहले पुलिस ने दावा किया था कि वर्ष 2003 से 2005 के बीच उसने छह लोगों की हत्या की थी।
इस संबंध में चार एफआईआर दर्ज कर तीन आरोपपत्र दायर किए गए थे। लेकिन पुलिस उसके खिलाफ केवल तीन हत्याओं में ही सबूत जुटा पाई।
इसके चलते तीन हत्याओं के अदालत में सुनवाई हुई। ज्ञात हो कि आदर्श नगर इलाके में रहने वाला चंद्रकांत छोटी दुकान चलाता था।
उसने अपने काम के लिए कुछ लड़कों को रखा हुआ था जिसमें अमित, उपेंद्र राठौर और दिलीप मंडल शामिल थे। पुलिस ने दावा किया था कि बाद में उसने सभी की हत्या कर सिर को तिहाड़ जेल के बाहर फेंक दिया था।






