नई दिल्ली. चलती बस में गैंग रेप के बाद निर्दयता से पिटाई कर पैरामेडिकल स्टूडेंट को मौत की नींद सुलाने वाले छह में से पांच आरोपियों को आज साकेत स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेश किया गया। मामले की सुनवाई बंद कमरे में होगी। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की अर्जी मंजूर कर ली है। सुनवाई के वक्त केवल आरोपी और वकील ही कोर्ट-रूम में मौजूद रहेंगे।
इससे पहले, आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच तिहाड़ जेल से कोर्ट लाया गया। लेकिन, इस बीच एक वकील ने इन आरोपियों की तरफ से केस लड़ने की इच्छा जताई तो कोर्ट परिसर में मौजूद अन्य वकीलों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस वजह से आरोपियों को जेल से लाने वाला वाहन (तस्वीर में) कोर्ट परिसर में खड़ा रहा लेकिन आरोपियों को कोर्ट-रूम के भीतर नहीं ले जाया सका।
कोर्ट रूम के भीतर और बाहर बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई है (तस्वीरें देखने के लिए आगे के स्लाइड्स पर क्लिक करें)। अभियुक्तों की एक झलक पाने के लिए कोर्ट के बाहर मीडिया और लोगों का भी जमावड़ा लगा रहा। गौरतलब है कि इससे पहले स्थानीय वकीलों ने फैसला किया था कि वे गैंग रेप के आरोपियों का केस नहीं लड़ेंगे। लेकिन एम एल शर्मा नाम के एक वकील कहना है कि आरोपियों के परिवारवालों ने बचाव पक्ष के वकील के तौर पर उनका केस लड़ने का अनुरोध किया था, इसलिए वह आरोपियों का केस लड़ना चाहता है।
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