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गैंगरेप: केजरीवाल करेंगे प्रदर्शन, हुई आरोपी की पहचान परेड

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नई दिल्ली। गुरुवार को गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों के नतीजों के चलते रविवार की रात गैंगरेप की शिकार हुई लड़की सुर्खियों में नीचे चली गई है। पर उसके बारे में ताजा जानकारी यह है कि उसे अब भी वेंटीलेटर पर ही रखा गया है। अगर वह बच भी जाती है तो उसे ताउम्र खाना खाने में दिक्‍कत होगी।
 
उधर, तिहाड़ जेल में गुरुवार को आरोपी की पहचान परेड कराई गई। पीडि़त लड़की के दोस्‍त ने आरोपी मुकेश सिंह की पहचान की। मुकेश को 14 दिनों की न्‍यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। हिरासत में लिए गए चार आरोपियों में से मुकेश इकलौता ऐसा आरोपी है, जिसकी पहचान करवाई गई।
 
इस बीच, आप पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल गैंगरेप की शिकार लड़की को न्‍याय दिलाने के लिए दिल्‍ली के जंतर मंतर पर शुक्रवार को रैली का आयोजन करेंगे।  21 दिसंबर को होने वाली इस रैली में बलात्‍कार के केस में देरी के खिलाफ हल्‍ला बोला जाएगा। केजरीवाल ने दावा किया है कि रैली में कुछ रेप पीडित और उनके परिवार के लोग भी आएंगे। रैली का समय दोपहर दो बजे रखा गया है। 22 दिसंबर को इंडिया गेट पर सुबह नौ बजे एक धरने का भी आयोजन किया गया है।
 
गुरुवार को सफदरजंग अस्पताल के डॉक्‍टरों ने मीडिया को बताया, 'बुधवार को पीड़िता की आंतें निकाल दी गईं थी। वह फिलहाल लाइफ सपोर्ट सिस्‍टम पर है। सुबह से लड़की की हालत स्थिर बनी हुई है। पीड़ता का ब्लड प्रेशर, हार्टबीट रेट आदि सामान्य हैं। लड़की खुद सांस लेने की कोशिश कर रही है और होश में है। बल्ड प्लेटलेट काउंट में थोड़ी कमी आई है। घटना के बाद से ही लड़की परिस्थितियों का बहादुरी से मुकाबला कर रही है।'
 
अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'आप स्थिति और आपात स्थिति के बाद जो भी किया जाना जरूरी थी वो हमारी टीम ने किया है। हमने पीड़ित को निगरानी में रखा हुआ है। आशा करते हैं कि उसकी हालत और खराब न हो।'
 
वारदात के दौरान लड़की को बुरी तरह पीटा भी गया था। इसी वजह से उसकी आंतों में गंभीर चोट आई थी। बुधवार को लाइफ सेविंग सर्जरी में उसकी अधिकतर छोटी आंतों को निकाल दिया गया। उसके अंदर एक ट्यूब लगाई गई है ताकि शरीर से निकलने वाले अन्य द्रव्‍यों को बाहर निकाला जा सके। फिलहाल पीड़िता को नसों के सहारे पोषण दिया जा रहा है।
 
क्या होगा भविष्य में असर?
छोटी आंत निकाले गए मरीजों को लंबे वक्त तक इंट्रावीनस न्यूट्रीशन (नसों के जरिए पोषण देना) पर रखा जाता है। ऐसे लोगों को सामान्य जीवन जीने के लिए छोटी आंत ट्रांस्प्लांट करवाना पड़ता है। डॉक्टरों का मानना है कि यदि उसकी छोटी आंत 100 सेंटीमीटर भी रह गई तब भी वह घाव भरने के बाद अच्छे पोषण के सहारे बेहतर जीवन जी पाएगी।
 
पूरा देश उस लड़की की जिंदगी के लिए दुआ मांग रहा है, वहीं युवती के जीने की ललक को देख डॉक्टर भी दंग हैं। (हमारा कैम्‍पेन : बलात्‍कारियों को दो फांसी से भी बड़ी सजा) उसका इलाज कर रहे डॉक्टर सुनील जैन कहते हैं, जिस स्थिति से वह गुजर रही है और जो पीड़ा उसे है, ऐसा मामला रेयर देखने को मिलता है। लेकिन उसकी हिम्मत और मजबूत मानसिकता यह दर्शाती है जिंदगी के प्रति वह कितनी सजीव है। एक घंटे तक उन दरिंदों के बीच रहने के बाद वह लगभग एक घंटा स्पॉट पर भी पड़ी रही। फिर उसे अस्पताल लाया गया, जिसमें 40 मिनट लग गए। इसके बाद उसने पुलिस और डॉक्टर को अपने साथ हुई पूरी घटना की जानकारी दी। और अब जब उसका इलाज चल रहा है, तब जहां डॉक्टर उसके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं, वहीं वह जीना चाहती है और इसके लिए प्रार्थना भी कर रही है। मंगलवार को जहां उसने लिखकर अपनी मां से कहा कि मैं जीना चाहती हूं, वहीं बुधवार सुबह वह काफी अलर्ट दिखी और उसका यह व्यवहार एक पॉजिटिव साइन दे रहा है। सच में, ऐसा कोई मजबूत मानसिकता वाली युवती ही कर सकती है।
 
आंतों में गंभीर चोट की वजह से उसकी सर्जरी तो कर दी गई है लेकिन खून में संक्रमण का स्तर बढ़ा हुआ है। डॉक्‍टरों का कहना है कि लड़की के अभी कई और ऑपरेशन करने पड़ सकते हैं। डॉक्‍टरों का कहना है कि खून के प्लेटलेट्स काउंट न्यूनतम डेढ़ लाख की जगह गिरकर मात्र 48 हजार रह गए हैं। पहले से कहीं ज्यादा वेंटिलेटर की जरूरत महसूस हो रही है। ब्लड प्रेशर दवाओं से कंट्रोल किया जा रहा है। वहीं दर्द से राहत देने के लिए थोड़े-थोड़े समय पर मार्फिन दवा का डोज भी दिया जा रहा है। डॉक्‍टरों को आशंका है कि लड़की को सेप्टिसीमिया, गैंगरीन और लंग इन्‍फेक्‍शन हो सकता है।
 
 

 

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