नई दिल्ली। दिल्ली गैंगरेप पीड़िता के परिवार ने मांग की है कि इस मामले से जुडी क़ानूनी कार्यवाही खुली अदालत में होनी चाहिए जिससे कि लोगों को इस मामले में हो रहे न्याय के बारे में पता चले।
परिवार का कहना है कि बंद कमरे में अदालत की कार्यवाही से लोगों तक पूरी जानकारी नहीं पहुंच सकेगी। ऐसा करने से न सिर्फ आम लोगों में असंतोष बढ़ेगा बल्कि, उनका आन्दोलन और एंटी रेप कानून में सुधार की मांग भी कमजोर होगा। पीड़िता के दादा ने आशाराम बापू के कमेन्ट पर दुःख व्यक्त करते हुए इसे उनकी मानसिकता का परिचायक कहा।
पीड़ित छात्रा के पिता ने भी आसाराम के बयानों पर एतराज जताया है। उन्होंने कहा कि मेरे पास आसाराम बापू की कई किताबें हैं। दिल्ली लौटकर सबको जला दूंगा।
उन्होंने मेरी बेटी के लिए घटिया बात की है। 23 वर्षीय दिवंगत छात्रा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी जब तक अस्पताल में थी तो उन्हें उम्मीद थी कि वह बच जाएगी और इस क्रूर हमले के बाद भी जीवित रहेगी।