नई दिल्ली. दिल्ली में रविवार की रात एक लड़की से चलती बस में हुए दुष्कर्म का मामला संसद के दोनों सदनों में मंगलवार को जोर-शोर से उठा।
सांसदों का आक्रोश चरम पर था। इस बर्बर घटना का निंदा करते हुए कई सदस्यों ने तो दुष्कर्म के दोषियों को फांसी पर चढ़ाने की मांग कर डाली। इनमें लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज प्रमुख थीं।
सांसदों के गुस्से को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने राज्यसभा में एलान किया कि दिल्ली की घटना के मामले में फास्ट ट्रैक कार्रवाई होगी। भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए सरकार सभी जरूरी प्रावधान भी करेगी।
उधर, दिल्ली की सड़कों पर भी प्रदर्शन हुए। युवतियों और महिलाओं ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। दिल्ली सरकार के खिलाफ भी नारे लगाए। लोकसभा में भाजपा के शाहनवाज हुसैन ने मामला उठाया। उन्होंने प्रश्नकाल रोक कर इस मसले पर चर्चा कराने की मांग की।
दूसरे सदस्यों ने भी उनका समर्थन किया। मामला अध्यक्ष मीरा कुमार के आश्वासन के बाद शांत हुआ। घटना का जिक्र करते हुए लोकसभा अध्यक्ष भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, 'यह जघन्य अपराध है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। मैं आपको शून्य काल में यह मामला उठाने का मौका दूंगी।'
राज्यसभा में भाजपा के एम. वेंकैया नायडू ने मसला उठाया। कहा कि उनकी पार्टी ने प्रश्नकाल रोकने का नोटिस दिया है। ताकि चर्चा कराई जा सके। इसके बाद सभापति हामिद अंसारी की इजाजत से भाजपा सदस्य माया सिंह ने बयान दिया। उन्होंने गृह मंत्री के बयान की मांग की। कहा कि घटना से सभी सीमाएं पार हो गई हैं।
आगे पढ़िए, चरम बर्बरता की इस घटना पर सभ्य समाज की प्रतिक्रिया...