नई दिल्ली. विधानसभा में बीते कई सत्रों में विपक्ष के अधिकांश सदस्यों को निष्कासित कर सदन चलाने के मुद्दे पर स्पीकर डॉ. योगानंद शास्त्री ने कहा है कि वह विधानसभा को संसद नहीं बनने देना चाहते है।
उन्होंने कहा, 'विपक्ष के हंगामे के चलते मैं विधानसभा में समय की बर्बादी नहीं होने देना चाहता हूं।' शास्त्री ने पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह कहा। उनसे पूछा गया था कि विधानसभा में बीते कई सत्रों में विपक्ष पहले दिन किसी मुद्दे पर हंगामा करता है, उसके बाद समूचे विपक्ष को करीब-करीब पूरे सत्र के लिए निष्कासित कर दिया जाता है।
सत्ता पक्ष बिना किसी बहस के मनमाने तरीके से बिल पारित करा लेते हैं। हालांकि स्पीकर ने यह भी साफ किया कि उनका इरादा संसद की गतिविधियों पर टिप्पणी करना नहीं है। अलबत्ता, जब भी मौका मिलता है तो वे विपक्ष के सदस्यों को अपनी बात रखने के लिए ज्यादा समय देते हैं।
एक सवाल के जवाब में स्पीकर ने कहा कि हाल ही में सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में ऑक्सीजन की कमी से पांच मरीजों की मौत के मामले को वे संज्ञान में लेकर चर्चा नहीं करा सकते। उन्होंने कहा कि जब तक सत्ता व विपक्ष का कोई विधायक इस मुद्दे को अपनी तरफ से नहीं उठाता, वे चर्चा करने की अनुमति नहीं दे सकते हैं।