नई दिल्ली. विभिन्न हादसों में गंभीर रूप से घायल अपने परिजनों को जिन डॉक्टरों के भरोसे सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया था, उसी अस्पताल की लापरवाही आज उनके परिजनों की मौत का कारण बन गई।
ट्रॉमा सेंटर में केंद्रीकृत ऑक्सीजन गैस आपूर्ति उपकरण में बाधा के चलते जिन पांच मरीजों की जान गई, उनके परिजनों ने लापरवाह डॉक्टरों को न केवल यमराज की संज्ञा दे डाली, बल्कि उन पर जज्बातों से खेलने का आरोप भी लगाया है।
उन्होंने कहा कि यह तो शुक्र हो मीडिया का कि जिसकी मदद से हादसे के असल वजह का खुलासा हो सका है। अब जीवन भर उनके जीवन में यही टीस रहेगी कि उनके परिजनों की जान हादसे की वजह से नहीं बल्कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की वजह से गई।
ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित होने की वजह से जान गंवाने वाले जावेद के बड़े भाई शाहिद ने सीधे तौर पर डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल के डॉक्टर ने न केवल उनसे सच्चाई छिपाई बल्कि लगातार उनके जज्बातों से खेलते रहे।
ट्रॉमा सेंटर प्रशासन ने हद तो तब कर दी जब उनका भाई अपनी आखिरी सांसें गिनता रहा और डॉक्टरों ने उसे अपने भाई से मिलने भी नहीं दिया। जीवन भर हमें यह दर्द सताता रहेगा कि अपने भाई के आखिरी वक्त में उसके पास होते हुए भी उससे रूबरू न हो सके।
ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों को कोसते हुए शाहिद ने बताया कि बीस दिन पहले खुदा ने उनके सिर से उनकी मां का साया छीन लिया और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही ने उसके भाई को उनसे सदा के लिए जुदा कर दिया।
शाहिद ने बताया कि पिछले सोमवार को आईएसबीटी के समीप जावेद की आरटीवी को एक ट्रक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में जावेद के सिर और आंख में गंभीर चोटें आईं।
जिसके बाद उसे सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। मंगलवार सुबह डॉक्टरों ने उसे बुलाकर बताया कि जावेद की सांसें रुक रही हैं, जिसके चलते उसे दवा दी गई है। कुछ देर बाद डॉक्टरों ने बताया कि उसकी मौत हो गई है।
मीडिया के अस्पताल पहुंचने से पहले तक हम यहीं मान रहे थे कि हादसे ने मेरे भाई की जान ले ली। लेकिन, मीडिया के पहुंचने के बाद पता चला कि मेरे भाई की जान हादसे की वजह से नहीं बल्कि डॉक्टरों की लापरवाही से गई है।