डीयू में दाखिला होगा आसान, दोगुनी होंगी सीटें
Source: शैलेन्द्र सिंह | Last Updated 01:09(08/02/12)
नई दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्यालय में एक-एक सीट के लिए हर साल होने वाली कड़ी प्रतियोगिता अगले पांच साल में कुछ कम होने जा रही है। अगर सब कुछ योजना के हिसाब से चला तो 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण के तहत बढ़ी सीटों के बाद अगले पांच सालों में डीयू में उपलब्ध करीब 54 हजार ग्रेजुएशन की सीटें बढ़कर एक लाख आठ हजार तक पहुंच जाएंगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से तैयार योजना के तहत न सिर्फ डीयू, बल्कि देश के 43 में से 30 केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में अगले पांच सालों के भीतर दोगुना सीटें छात्रों के लिए उपलब्ध होंगी।
यूजीसी की ओर से 12वीं पंचवर्षीय याेजना में इस प्रस्ताव को तैयार किया है। ग्रॉस एनरॉलमेंट रेशियो (जीईआर) पर आधारित 12वीं योजना में आयोग ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में दाखिलों की संख्या को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने पर जाेर दिया है।
आयाेग ने याेजना के तहत देशभर में स्थित 43 में 30 केंद्रीय विश्वविद्यालयों की सीटों में दोगुना करने का प्रस्ताव तैयार किया है। यूजीसी के मुताबिक मौजूदा समय में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जीईआर 14 मिलियन है, इसे 12वीं पंचवर्षीय योजना के तहत 2२ मिलियन तक ले जाया जाएगा।
यूजीसी के एक आलाधिकारी के मुताबिक कुछ विश्वविद्यालयों को छोड़कर ज्यादातर केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में छात्रों के दाखिले की संख्या कम है। विश्वविद्यालय का जितना बड़ा कैंपस है, उतने छात्रों का दाखिला नहीं हो रहा है। आयोग के मुताबिक कम से कम 30 विश्वविद्यालयों में यह संभावना है कि यहां मौजूदा सीटें 10क् फीसदी बढ़ा दी जाएं। हालांकि, दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों की संख्या अन्य के मुकाबले बेहतर बताई गई है।
देशभर में खुलेंगे 800 नए कॉलेज
यूजीसी की ओर से तैयार योजना के तहत 40 केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में 20-20 नए कॉलेजों की स्थापना पर जोर दिया है। इससे देशभर में फैले इन केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में 80क् नए कॉलेज खुलेंगे। इससे इन संस्थानों में पौने चार से चार लाख तक विश्वविद्यालयों के अतिरिक्त दाखिलें हो पाएंगे। इस योजना के तहत यूपी और बिहार स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालयों में 280, गुजरात में 280, पूर्वी भारत 100, उत्तर-पूर्व भारत 100 और जम्मू-कश्मीर स्थित केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में 40 और कॉलेज शुरू हो जाएंगे।