एफडीआई को लेकर सरकार और विदेशी कंपनियों के बीच गुप्त समझौता : भाजपा

नई दिल्ली. मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने राजधानी में एफडीआई लागू करने, विदेशी किराना कंपनियों के स्टोर खोलने और मंडी एक्ट में संशोधन करने की जिस तरह हड़बड़ी मच रही है, उससे लगता है कि इस मामले में भी सरकार ने कोई गुप्त समझौता विदेशी कंपनियों से कर लिया है।
भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने उक्त आरोप लगाते हुए कहा कि इस समझौते से भी भारी बड़े भ्रष्टाचार की गंध आ रही है।
उन्होंने दिल्ली में एफडीआई लागू करने में दिल्ली सरकार द्वारा की जा रही जल्दबाजी की जांच कराने की मांग की है। गुप्ता ने कहा है कि सरकार बगैर दूरदृष्टि के राजधानी में सर्वप्रथम एफडीआई लागू करके अपनी पार्टी में वाहवाही लूटना चाहती है।
इसी कारण एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केटिंग कमेटी (एपीएमसी) एक्ट में सरकार संशोधन करने जा रही है। इस संशोधन के बाद दिल्ली में विदेशी कंपनियों को निजी मंडियां बनाने और उनका संचालन करने की खुली छूट मिल जाएगी।
दिल्ली के खुदरा तथा थोक व्यापारियों ने भी सरकार को चेतावनी दी है कि वह बगैर सोचे समझे राजधानी में एफडीआई न्योता न दें।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार ने पश्चिमी दिल्ली के टीकरी इलाके के 70 एकड़ में निजी मंडी बनाने के लिए निजी कंपनी को 2 करोड़ रुपए की टोकन राशि भी दे दी है।








