PHOTOS: पहले दिन ही दिखा तत्काल टिकट की नई व्यवस्था का असली चेहरा

नई दिल्ली। तत्काल टिकट बुकिंग के लिए मंगलवार को नई व्यवस्था लागू कर दी गई, लेकिन पुरानी समस्याओं का ठोस हल निकलता फिलहाल दिख नहीं रहा है।
मंगलवार को भी यात्री देर रात से ही आरक्षण केंद्रों के बाहर पंक्ति लगाकर बैठ गए थे। जबकि, रेलवे ने सोमवार को दावा किया था कि सुबह साढ़े नौ बजे के बाद ही तत्काल टिकट के लिए लाइन लगाई जाएगी। बता दें कि दलाल बाहर लगने वाली पंक्तियों के जरिए ही कालाबाजारी को अंजाम देते हैं।
इतना ही नहीं आरक्षण केंद्र में प्रवेश से पहले ही आरक्षण फार्मो की जांच प्रक्रिया पूरी कर लेने के रेलवे का दावा भी फेल हो गया। बिना किसी पूर्व सूचना के ही सुबह 9.40 बजे से 9.55 के बीच टिकट बुकिंग प्रक्रिया बंद कर दी गई थी, जिसके चलते काफी असमंजस पैदा हो गया था।
उचित संख्या में आरपीएफ जवानों की तैनाती नहीं होने की वजह से निजामुदीन, बुराड़ी, ओखला जैसे कई आरक्षण केंद्रों में यात्रियों को व्यवस्थित करने में रेलवे कर्मचारियों का पसीना निकल गया। कई छोटे आरक्षण केंद्रों में मारपीट की भी सूचना है।
किसी भी आरक्षण केंद्र में नई व्यवस्थाओं के बारे होर्डिग नहीं लगाए गए थे, जिसके चलते यात्रियों के बीच असमंजस व्याप्त था। चिंता कि बात यह है कि रेलवे के अधिकारियों में भी नई व्यवस्थाओं को लेकर काफी असमंजस था।
नहीं थी नई व्यवस्था की जानकारी
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास स्थित आईआरसीए बिल्डिंग में लगभग दस काउंटरों को तत्काल प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही बंद कर दिया गया था। 9.45 बजे जैसे ही यात्रियों को आरक्षण हॉल में प्रवेश दिया गया, उन काउंटरों को खोल दिया गया।
सभी यात्री खाली पड़े काउंटरों पर खड़े हो गए। अन्य काउंटरों पर सामान्य टिकट की बुकिंग जारी थी। ताज्जुब की बात यह कि सुपरवाइजरों को भी इसकी जानकारी नहीं थी कि सुबह दस बजे से सभी काउंटरों पर केवल तत्काल टिकट की बुकिंग ही की जाएगी। बाद में आला अधिकारियों की पहल के बाद ही सभी काउंटरों पर तत्काल टिकट प्रक्रिया शुरू की गई।






