ऑनर किलिंग में पांच को सजा ए मौत

झूठी शान की शातिर एक किशेार जोड़े की हत्या करने के मामले में रोहिणी की एक सत्र अदालत ने एक ही परिवार के पांच लोगों को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए इस अपराध को बेहद बर्बर बताया और इसे न्यायिक अंतर्रात्मा को झकझोरने वाला करार दिया। यह घटना वर्ष 2010 जून की है। दोषियों ने अपनी बेटी और उसके प्रेमी को निर्दयता से यातना दी और फिर बिजली का करंट लगाकर उन्हें मार डाला था।
एडिशनल सेशन जज रमेश कुमार सिंघल ने इस अपराध को ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ की श्रेणी में रखते हुए यह अहम फै सला सुनाया। लडक़ी अनुसूचित जाति के लडक़े से प्रेम करती थी और दोनों विवाह करना चाहते थे। आरोपी परिजन इसके खिलाफ थे।
अदालत ने अपने फैसले में कहा, ‘प्रस्तुत मेडिकल एविडेंस और जिस हालात में पीडि़तों की बॉडी मिली, उससे साफ है कि उनकी बेहद निर्दयता से हत्या की गई। दोषियों ने उन्हें बिजली का करंट लगाकर मार डाला। यह अपराध अमानवीय और निर्दयतापूर्ण है। बिजली का करंट लगाकर नृशंस, बर्बर हत्याएं की गई, जबकि पीडि़तों ने ऐसा कुछ नहंी किया, जो उकसाने वाला हो। इसके लिए सजा ए मौत के सिवाय कोई और दंड नहीं है।








