नई दिल्ली. सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर में ऑक्सीजन आपूर्ति में बाधा के चलते पांच मरीजों की मौत के मामले में विशेष स्वास्थ्य सचिव एसबी शशांक के नेतृत्व में गठित विशेष समिति ने अपनी रिपोर्ट में चार डॉक्टरों को मुख्य रूप से दोषी करार दिया है।
दोषी पाए गए डॉक्टरों में ट्रॉमा सेंटर के इंचार्ज डॉ. विकास रामपाल, मेडिकल अफसर एवं रिपेयर-मेंटीनेंस के इंचार्ज डॉ. अंशुमान और दो जूनियर एनेस्थीसिया स्पेशलिस्ट डॉ. टीना खुराना और डॉ. रिचा गुप्ता का नाम शामिल है। रिपोर्ट में हादसे से जुड़ी तमाम परिस्थितियों और कारणों को पेश किया गया है।
रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ.अशोक कुमार वालिया ने कार्रवाई करते हुए डॉ. विकास रामपाल का ट्रांसफर कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया है कि उन्हें अभी कोई नई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है।
उन्हें कोई नई जिम्मेदारी सौंपी जाए या नहीं, इसके बारे में उनका फैसला पूरी रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद किया जाएगा। डॉ. वालिया ने बताया कि डॉ. अंशुमान को निलंबित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त जूनियर डॉ. टीना खुराना और डॉ. रिचा गुप्ता को बर्खास्त कर दिया गया है।