जिस पर है सफाई का जिम्मा, उसमें जुड़ा एक और तमगा!

नई दिल्ली. पूर्वी दिल्ली नगर निगम (ईडीएमसी) में कूड़े-कचरे के निपटान में लगे वाहनों और सैनेटरी लैंडफिल को रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) प्रणाली से लैस किया जाएगा।
ऐसा इन वाहनों का रिकॉर्ड पूरी तरह पेपरलेस करने के लिए किया जा रहा है ताकि लैंडफिल साइट पर अधिक गार्बेज डालने का बिल बना कर ये ईडीएमसी को चूना न लगा सकें।
ईडीएमसी के कमिश्नर सज्जन सिंह यादव ने बताया कि कूड़े-कचरे के निपटान में लगे वाहन के मालिकों द्वारा अधिक बिल बनाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं।
इस पर अंकुश लगाने के लिए ई-गार्बेज मेनेजमेंट सिस्टम विकसित करने का फैसला किया गया है। इसके तहत सुनिश्चित किया गया कि इन वाहनों को जीपीएस व आरएफआईडी डिवाइस से लैस किया जाए।
यादव ने बताया कि इस डिवाइस की खासियत यह है कि कूड़े के संग्रहण व निपटान के वक्त ही ये वाहनों की तस्वीर ऑटोमैटिकली इंटरनेट पर लोड कर देगी।
इससे ढलाव से कूड़े उठाने वाले और सेनेटरी लैंडफिल पर कूड़ा डालने वाले वाहनों का कार्य सुनिश्चित हो जाएगा। इस काम में लगे हर वाहन को विभाग द्वारा तय कूड़े का निपटान करना होगा और क्षेत्र से टिप्परों को कूड़े को उठाकर लैंडफिल पर डालना होगा।
कमिश्नर ने बताया कि इसके अतिरिक्त अब ईडीएमसी में गंदगी फैलाने वालों को सबक सिखाने के लिए उनका मौके पर ही ई-चालान किया जाएगा ताकि लोग सड़कों व अपने घरों के आस-पास गंदगी फैलाने से बाज आएं।
इसके लिए सफाई निरीक्षकों व सहायक सफाई निरीक्षकों को चालान काटने वाली हस्तस्वचालित मशीन दी जाएगी। ई-जुर्माने की भुगतान भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से की जाएगी।






